
भोपाल। देहात क्षेत्र के बागसेवनिया थाना इलाके में साल 2013 में गुलाबी नगर हाउसिंग सोसाइटी के प्लॉट को अपना बताकर सात लाख रुपए ठगने वाले दो आरोपियों को कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के बाद दोषी करार देते हुए 3-3 साल के कठोर सश्रम कारावास सहित 10-10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। यह निर्णय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल सिंह यादव की कोर्ट ने दिया है। प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी नीरज भार्गव ने पैरवी की। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी देवेंद्र स्वरूप भटनागर और अवधेश सिंह सिसौदिया ने साजिश रचते हुए गुलाबी नगर हाउसिंग सोसाइटी स्थित प्लॉट नंबर 23 को अपना बताकर दिखाया और रसीद देने के बाद फरियादी प्रेम सिंह और आरके गोयल से 7-7 लाख रुपए नकद लेने के बाद प्लॉट नंबर 22 आवंटित कर दिया। आरोपियो ने रकम लेने के बाद एक माह में प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की बात कही थी, लेकिन तय समय निकलने के बाद भी आरोपी रजिस्ट्री कराने में टालमटोल करते रहे। और बाद में दोनों फरार हो गए। फरियादियों ने जब अपने स्तर पर छानबीन की तो पता चला कि प्लॉट नंबर 22 और 23 दोनो ही किसी भी आरोपी के नाम पर नहीं हैं। इसके बाद पीड़ितो ने थाना बागसेवनिया पुलिस से लिखित शिकायत की थी। पुलिस जॉच में पता चला की आरोपी पहले भी इसी तरह की धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। शिकायत की जॉच के आधार पर बागसेवनिया पुलिस ने साल 2013 में धारा 420 सहपठित धारा 34 भादंवि के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने विवेचना पूरी कर चालान कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्क, साक्ष्य और दस्तावेजों से संतुष्ट होकर अदालत ने देवेंद्र स्वरूप भटनागर एवं अवधेश सिंह सिसौदिया को दोषी करार देते हुए 3-3 साल के कठोर सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किये जाने का फैसला सुनाया है।
