
मामले की विस्तृत जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग
मुंबई। अयोध्या राम मंदिर में दान की हेराफेरी का मामला अब नए मोड़ पर आ चुका है, क्योंकि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा पहली एफआईआर दर्ज करने के बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने राम मंदिर निर्माण के लिए उद्धव ठाकरे द्वारा दान की गई चार किलो चांदी की ईंट के कथित तौर पर गायब होने पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं।
राम मंदिर के दान में गड़बड़ी की चल रही जांच के बीच शिवसेना यूबीटी सांसाद राउत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से दान का हिसाब मांगा है और पूछा है कि दान में दी गई चांदी की ईंट कहां हैं। पोस्ट में उन्होंने मामले की विस्तृत जांच और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
सांसद राउत के अनुसार, यूबीटी शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर निर्माण के दौरान हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं और संतों की मौजूदगी में एक करोड़ रुपये और एक चांदी की ईंट उदारतापूर्वक दान की थी। हालांकि, राउत ने आरोप लगाया कि इतने सालों के बाद भी ट्रस्ट की ओर से न कोई रसीद दी गई और न ही इस दान के बारे में कोई जानकारी साझा की गई। उन्होंने कहा, यह कहां गई? अब पूरी जांच और जवाबदेही तय करने का समय आ गया है।
संजय राउत का यह बयान तब आया है जब राम मंदिर में दान चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में है और जांच तेज कर दी गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र दान प्रकरण में आठ नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित एसआईटी (विशेष जांच दल) के प्रारंभिक प्रतिवेदन में इस मामले में कठोर कार्रवाई की संस्तुतियां की गई हैं। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में यह एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव,राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया है। यह बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में चंपत राय के ड्राइवर का भी नाम शामिल है।
