Spread the love

वीडियो जारी कर गिनाईं उपलब्धियां, बोले- हर भारतीय की आवाज संसद तक पहुंचाता रहूंगा

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में दो वर्ष पूरे होने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर अपने कार्यकाल के प्रमुख मुद्दों और गतिविधियों को देश के सामने रखा है। उन्होंने कहा, पिछले दो वर्षों में उनका उद्देश्य देश के हर नागरिक की आवाज को संसद तक पहुंचाना रहा है और आगे भी वह जनता से जुड़े मुद्दों को संसद से सड़क तक उठाते रहेंगे।
करीब 3 मिनट 29 सेकंड की इस वीडियो क्लिप को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उनका संघर्ष संविधान की रक्षा, युवाओं, किसानों, छात्रों और आम नागरिकों के अधिकारों के लिए लगातार जारी रहेगा। राहुल गांधी ने अपने संदेश में लिखा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में बीते दो वर्षों का हर दिन जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाने में बीता है। उन्होंने कहा कि चाहे नीट परीक्षा से जुड़े छात्रों का मुद्दा हो, चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े सवाल हों या संविधान की रक्षा का विषय, उन्होंने हर मोर्चे पर अपनी भूमिका निभाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और भविष्य में भी वे लोगों के हितों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
जारी वीडियो में लोकसभा में दिए गए उनके विभिन्न भाषणों और जनसंपर्क कार्यक्रमों की झलक दिखाई गई है। इसमें मणिपुर हिंसा, अग्निवीर योजना, पेपर लीक, युवाओं के रोजगार, किसानों के मुद्दों और विभिन्न सामाजिक वर्गों से मुलाकातों का उल्लेख किया गया है। वीडियो में राहुल गांधी यह कहते हुए भी दिखाई देते हैं कि विपक्ष की भूमिका केवल आलोचना करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करना और जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाना है।
आगे भी संघर्ष जारी रखने का संदेश
वीडियो के माध्यम से राहुल गांधी ने संकेत दिया कि आने वाले समय में भी वे विपक्ष की भूमिका को सक्रिय रूप से निभाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
जून 2024 में बने थे नेता प्रतिपक्ष
लोकसभा चुनाव के बाद 25 जून 2024 को इंडिया गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष बनाने पर औपचारिक सहमति बनी थी। इससे पहले कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी पार्टी नेताओं ने सर्वसम्मति से उनसे यह जिम्मेदारी स्वीकार करने का आग्रह किया था। कुछ समय के विचार-विमर्श के बाद राहुल गांधी ने यह पद स्वीकार किया और तब से वे लोकसभा में विपक्ष का नेतृत्व कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *