बागी सांसदों की पीएम मोदी से मुलाकात पर उद्धव ठाकरे ने उठाए सवाल

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिंदे गुट के सांसदों से हुई मुलाकात को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि जब शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, उसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी से अलग हुए सांसदों से मुलाकात क्यों की? ठाकरे ने यह भी सवाल उठाया कि मुलाकात के दौरान कथित तौर पर दिया गया ‘डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूं’ का संदेश आखिर किसके लिए था।
मातोश्री में गत दिवस आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली में शिंदे गुट के छह सांसदों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे चिंता न करें। उन्होंने इस मुलाकात को ‘ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी’ करार देते हुए इसकी आलोचना की। उद्धव ठाकरे ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री का यह संदेश क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस या फिर सुप्रीम कोर्ट के लिए था। उन्होंने कहा कि जब अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी, तब प्रधानमंत्री का अलग हुए सांसदों से मिलना कई सवाल खड़े करता है।
ठाकरे ने कहा कि मुलाकात बंद कमरे में हुई थी, फिर उसके बाद ‘डरो मत’ जैसा संदेश बाहर कैसे आया? उन्होंने पूछा कि इस संदेश को सार्वजनिक करने की जरूरत क्यों पड़ी और इसके जरिए आखिर किसे संदेश दिया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को लेकर शिंदे गुट दबाव में है। ठाकरे ने कहा कि पहले एकनाथ शिंदे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करते थे और अब प्रधानमंत्री मोदी से मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम का उद्देश्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।
‘इंस्टाग्राम से देश चलाने का समय आ गया’
उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया संवाद के तरीके पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब उन्होंने फेसबुक के जरिए लोगों से संवाद किया था, तब उनकी आलोचना की गई थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री इंस्टाग्राम के जरिए युवाओं से संवाद कर रहे हैं। ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री युवाओं से सीधे मिलने के बजाय सोशल मीडिया पर आधी रात को संदेश भेज रहे हैं। उन्होंने इसे लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या अब इंस्टाग्राम के जरिए देश चलाने का समय आ गया है।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 11 अगस्त को
गौरतलब है कि शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। 11 अगस्त को इस मामले में अगली सुनवाई प्रस्तावित है। पिछली कुछ सुनवाइयों में उद्धव ठाकरे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पार्टी के दावे के पक्ष में दलीलें रखी हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री और शिंदे गुट के सांसदों की मुलाकात ने महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
