सुप्रीम कोर्ट में पेश एसआईटी की रिपोर्ट पर सुनवाई आज
(अनुराग हजारी)


भोपाल ! कर्नल सोफिया कुरैशी पर अभद्र टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह भले फिलहाल गिरफ्तारी से बच गए हो लेकिन भाजपा विजय शाह को लेकर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक हो रही जबरदस्त किरकिरी से अपने आप को नहीं बचा पा रही है तमाम जगहों से लानत मलामत मिलने के बावजूद भाजपा विजय शाह से इस्तीफा मांगने की हिम्मत नहीं कर पा रही है सुप्रीम कोर्ट में उनकी जमकर फजीहत हुई और कोर्ट ने उन्हें जमकर फटकारा और कहा-आपकी की भद्दी, गंदी टिप्पणी पर पूरा देश शर्मिंदा, आपको शर्म आनी चाहिए जो बोला है उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा एसआईटी में एक महिला अधिकारी भी होगी, पहली स्टेटस रिपोर्ट 28 मई को जमा करना है
मप्र के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए बयान पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मंत्री विजय शाह ने महू के मानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया था। सुनवाई के दौरान मंत्री विजय शाह के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि अपने बयान के लिए वे माफी मांग चुके हैं। इस पर अदालत ने कहा कि माफी स्वीकार नहीं है। एक मंत्री का आचरण आदर्श वाला होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो बोला है उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने यह भी कहा कि माफी स्वीकार हो गई, तो आप बाह जाकर कहेंगे कि हमने अदालत के कहने पर माफी मांगी। आपके बयान से देश में गुस्सा है। भावना अच्छी होती तो माफी में अगर-मगर नहीं लगाते। कोर्ट ने तीन आईपीएस अधिकारियों की एसआईटी का गठन किया है, जो पूरे मामले की जांच करेगी। कोर्ट ने अपने आदेश में डीजीपी को एसआईटी का गठन करने का आदेश दिया। एसआईटी का नेतृत्व आईजी रैंक के अधिकारी करेंगे और इसमें एक महिला भी शामिल होगी। विजय शाह को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि उनकी गिरफ्तारी नहीं होगी। पीठ ने मंत्री से पूछा कि यह किस तरह की माफी थी? आपको बस अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए थी और माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन आप कहते हैं कि अगर आपने यह और वह कहा है… तो मैं माफी मांगता हूं। माफी मांगने का यह तरीका नहीं है। आपने जिस तरह की भद्दी टिप्पणी की है, आपको शर्म आनी चाहिए।
भारतीय सेना की अफसर कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान देने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह के मामले में जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने के आदेश दिए जिसमें कहा था कि इसमें तीन IPS अधिकारी शामिल होंगे। एक IG और बाकी दो SP लेवल के अफसर होंगे। इनमें एक अधिकारी महिला होना अनिवार्य होगा। सभी अफसर मध्य प्रदेश कैडर के हो सकते हैं, लेकिन राज्य के मूल निवासी नहीं होने चाहिए। SIT 28 मई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार इसके आदेश दिए थे। जिसके बाद डीजीपी कैलाश मकवाना ने सोमवार रात को जांच के लिए एसआईटी का गठन कर इसका आदेश जारी कर दिया। तीन सदस्यीय एसआईटी में प्रमोद वर्मा, आईजी सागर जोन, . कल्याण चक्रवर्ती, डीआईजी, एसएएफ, वाहिनी सिंह, एसपी, डिंडौरी शामिल हैं। ये तीनों आईपीएस अधिकारी विजय शाह मामले की जांच करेंगे। यह दल मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज एफआईआर की जांच करेगा। पीठ ने कहा कि एसआईटी की ओर से पहली रिपोर्ट 28 मई तक दाखिल की जानी चाहिए।
इससे पहले मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद मानपुर पुलिस ने मंत्री के खिलाफ केस दर्ज किया था। इधर हाईकोर्ट द्वारा दिए गए एफआईआर के आदेश पर रोक लगाने के लिए विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन वहां से भी उन्हें फटकार मिली।
मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया को लेकर दिए गए बयान को पाकिस्तानी मीडिया ने दुष्प्रचार का टूल बना लिया है। वहां के मीडिया चैनल इस बयान के जरिए भारत को मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं।
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि इस टिप्पणी के कारण पूरा देश शर्मसार है। हमने आपके वीडियो देखे। आप बहुत गंदी भाषा का इस्तेमाल करने वाले थे, लेकिन शायद आपकी समझ काम आई या आपके दिमाग ने आपको रोका या फिर हो सकता है कि आपको उचित शब्द न मिले हों। आपको शर्म आनी चाहिए। पूरे देश को हमारी सेना पर गर्व है और आपने यह बयान दिया।
सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बताने वाले एमपी के मंत्री कुंवर विजय शाह ने तीसरी बार फिर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि ये मेरी भाषाई भूल थी। इसके लिए मैं बहन सोफिया कुरैशी और देशवासियों से माफी मांगता हूं। मंत्री विजय शाह ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि किसी को ठेस पहुंचाना मेरा उद्देश्य नहीं था। वीडियो में विजय शाह ने ये कहा कि जय हिंद, पिछले दिनों पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से मन दुखी और विचलित था। मेरा राष्ट्र के प्रति अपार प्रेम और भारतीय सेना के प्रति आदर और सम्मान हमेशा रहा है। मेरे द्वारा कहे गए शब्दों से समुदाय धर्म और देशवासियों को दुख पहुंचा है, यह मेरी भाषाई भूल थी। मेरा आशय किसी भी धर्म जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना या आहत करना नहीं था। भूल वश अपने द्वारा कहे गए शब्दों के लिए मैं पूरी तरह भारतीय सेना, बहन कर्नल सोफिया कुरैशी और देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हूं और पुन: हाथ जोडक़र आप सबसे माफी मांगता हूं।
विजय शाह के मामले में जहां कांग्रेस पूरे प्रदेश भर में उसका विरोध कर रही है और जहां तहां विजय शाह के पुतले जलाये जा रहे हैं और पुतलों पर जूता चप्पल बरसाए जा रहे हैं पुलिस मंत्री के पुतले बचाने के लिए कांग्रेसियों के पीछे लट्ठ लेकर दौड़ रही है वहीं भाजपा इस पूरे मामले को चुपचाप देख रही है और वैसे भी फिलहाल उसके पास इस मामले में करने को कुछ जैसे बचा भी नहीं है भाजपा का पूरा संगठन इस समय असमंजस में फंसा हुआ है एक ओर जहां उसके सामने आदिवासी वोट समीकरण का गुणा भाग चल रहा है तो वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक रूप से जगह-जगह इस मामले में पार्टी और विजय शाह की हो रही किरकिरी का मामला उसके सामने है अब बीजेपी फिलहाल इसमें तय नहीं कर पा रही कि शाह को किस तरह से इस्तीफा देने के लिए मनाये वही एफ आई आर दर्ज होने के बाद से मंत्री विजय शाह सार्वजनिक रूप से लगभग गायब से है ना वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं भले ही भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने इस पूरे मामले में प्रदेश संगठन से रिपोर्ट मांग ली हो लेकिन वह भी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में होने वाले इस मामले के अंतिम निर्णय तक इंतजार के मूड में नजर आ रहा है ! अभी भाजपा विजय शाह के मामले को लेकर ही पूरी तरह से निपट नहीं पाई थी कि वहीं दूसरी ओर एक और मंत्री जगदीश देवड़ा ने जबलपुर में सेना को लेकर जो बयान दिया उसको लेकर भी अब पूरे प्रदेश में भाजपा की किरकिरी हो रही है
अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली भारतीय जनता पार्टी में जैसे अनाप-शनाप बयान देने की होड़ मची है। उप मुख्यमंत्री एवं जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी एक अति विवादित बयान दे डाला है। जबलपुर में आयोजित सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की जुबान फिसल गई।
संस्कारधानी पहुंचे मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जबलपुर जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने जबलपुर दौरे पर विवादित बयान दे डाला। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यह विवादित टिप्पणी की। डिप्टी सीएम देवड़ा ने कहा कि, “पूरा देश, देश की सेना और सैनिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चरणों में नतमस्तक हैं।
मंत्री देवड़ा भले सफाई दे रहे हो कि उनका कहने का आशय गलत निकाला गया है लेकिन वीडियो में जो उनका बयान नजर बयान जो नजर आ रहा है उसे तो वही लगता है कि मंत्री के मुंह से वही निकला है जो विपक्ष कहता फिर रहा है ! प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेत्री उमा भारती पहले ही विजय शाह को पद से बर्खास्त करने की मांग कर चुकी है वहीं राज्य में 47 विधानसभा और 6 लोकसभा सीट आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हैं ऐसे में भाजपा को आशंका है कि अगर शाह से इस्तीफा लिया तो आदिवासी समाज में गलत संदेश जा सकता है प्रदेश में आदिवासी वोट बैंक कुल करीब करीब 22% के आसपास बताया जाता है ऐसा नहीं है कि भाजपा में सिर्फ विजय शाह आदिवासियों की एकमात्र नेता हो प्रदेश भर में भाजपा के ऐसे कई विधायक और खासतौर से युवा विधायक हैं जिनमें पार्टी भविष्य की संभावनाओं को देख सकती है बस जरूरत उन्हें जिम्मेदारी और मौका देने की है!
वहीं दूसरी ओर अब भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व भी संगठन के नेताओं की बदजुबानी से अब परेशान नजर आने लगा है और चाहे दिल्ली के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी हो प्रवेश वर्मा पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर हो दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा , निशिकांत दुबे या फिर विजय शाह है और उनके जैसे अन्य कई नेता हो निशिकांत दुबे हो इन सब की बयान बाजी से भाजपा का शीर्ष संगठन परेशान है ही है वहीं इससे संघ भी नाराज बताए जा रहा है इस सबसे बचने के लिए भाजपा नेता और जनप्रतिनिधियों की बद जुबानी से बचने के लिए भाजपा अब तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर रही है जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय संगठन द्वारा सांसद , विधायकको और पार्टी के पदाधिकारियो को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाना है यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 17 जून के बीच भोपाल में आयोजित होगा क्योंकि इस समय सबसे ज्यादा चर्चा का केंद्र और लगातार बद जुबानी का केंद्र भी भोपाल यानी मध्य प्रदेश बना हुआ है इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में किस तरह से सुशासन और संवाद किया जाना है इसके संबंध में नेताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा पहले यह कार्यक्रम गुजरात में होना था अब मध्य प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है इस प्रशिक्षण शिविर में संवाद के दौरान किस तरह की सतर्कता बरतने की जरूरत है शब्दों को किस तरह से नियंत्रित किया जा सकता है विपक्षियों पर किस तरह से संयत भाषा में आक्रामक ढंग से हमला करना है इसकी बारीकियों को समझाते हुए प्रशिक्षित किया जाएगा आशा की जानी चाहिए कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर में रमेश बिधूड़ी , प्रवेश वर्मा , कपिल मिश्रा,अनुराग ठाकुर जैसे लोगों संबोधन देने पार्टी नहीं भेजेगी ! और कम से कम विजय शाह जैसों को तो बिल्कुल नहीं!
