
महिलाओं के लोन की किश्त खुद के खाते में कराया जमा
छिंदवाड़ा। पड़ोसी जिले पांढुर्णा के शुक्रवारी बाजार स्थित एक फायनेंस कंपनी के फील्ड ऑफिसर पर लाखों रूपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इस मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने फील्ड ऑफिसर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। दरअसल भारत फाइनेंशल इनक्लूजन लिमिटेड कंपनी के फील्ड आफिसर पर आरोप है कि उसने ५० से अधिक महिलाओं से समूह लोन की किश्त की राशि प्रतिमाह कलेक्ट की, लेकिन समूह लोन की यह राशि उसने बैंक में जमा नहीं कराई। मामले का खुलासा तब हुआ, जब कंपनी ने अंबाड़ा और मोहगांव, सावनझिरी, शंकर नगर स्व सहायता समूह की महिलाओं से उक्त बैंक से वसूली के नोटिस मिले तो महिलाएं परेशान हो गई चूंकि वे प्रतिमाह किश्त जमा कर रही थी। फिर उन्हें नोटिस कैसे मिला। इस का पता लगाने जब महिलाएं बैंक पहुंची तो वहां पता चला कि फील्ड ऑफिसर जितेन्द्र कुमेरिया ने 50 से अधिक महिलाओं से समूह लोन की किस्तें वसूल कीं। उसने यह राशि बैंक में जमा नहीं की। पीडि़त महिलाओं की शिकायत पर पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि फील्ड ऑफिसर जितेन्द्र गुमेरिया ने कई महिलाओं को व्यक्तिगत लोन स्वीकृत कराकर उक्त राशि अपने खाते में ट्रांसफर कराई। थाना प्रभारी अजय मरकाम ने बताया कि सौंसर के कवरपिपला निवासी आरोपी जितेन्द्र कुमेरिया के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि उसने यह धोखाधड़ी 2020 से 2024 के बीच की है और ३० महिलाओं के नाम पर १३ लाख ५२ हजार रूपए की हेराफेरी कर फर्जी लोन पास कराए। उन्होंने बताया कि पुलिस फर्जी लोन की कुल राशि की जांच कर रही है। फिलहाल उसे गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया। यह से उसे जेल भेज दिया गया है।
ऐसे करता था हेराफेरी
मामले की जांच कर रहे एएसआई शिवकरण पांडे ने बताया कि उक्त फील्ड ऑफिसर महिलाओं को गुमराह कर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर या अंगूठा ले लेता था। वह महिलाओं को यह कहकर भरोसे में लेता था कि उनका पुराना लोन खत्म हो गया है। बची हुई किश्तें वह खुद जमा कर देगा, लेकिन उसने किश्त लेने के बाद जमा नहीं कराई।
इनका कहना है
नगर के टेकड़ी वार्ड क्षेत्र की महिलाओं से लोन वसूली में अनियमितता की जानकारी अगस्त में मिली। जांच में पता चला कि महिलाओं से ली गई राशि न तो समूह लोन खाते में जमा हुई और न ही बैंक रिकॉर्ड में दर्ज की गई।
आसिफ शाह
बैंक मैनेजर, भारत फाइनेंशल इनक्लूजन लिमिटेड
