
छिंदवाड़ा। ज्यादती के एक मामले में पीड़ित महिला को घटना के 20 साल बाद आखिर शुक्रवार को न्याय मिल ही गया। अपर सत्र न्यायधीश महेन्द्र मांगोदिया जुन्नारदेव के न्यायालय ने आरोपी अशोक पिता सुखलाल को बलात्कार के मामले में सात साल का कारावास और 1 हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता पंकज श्रीवास्तव ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि १९ जनवरी २००५ को आरोपी पीड़िता को अपहरण कर अपने साथ ले गया और उसकी इच्छा के विरूद्ध बलपूर्वक उसके साथ ज्यादती की पीड़िता ने घटना के बाद तामिया थाना में मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण और ज्यादती की धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां न्यायालय ने 11 गवाहो का परीक्षण अभियोजन द्वारा न्यायालय में कराए गए एवं आरोपी के विरुद्ध मामला प्रमाणित होने से अपराध सिद्ध पाए जाने पर आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया।
घटना के १७ साल बाद पकड़ाया था आरोपी
अभियोजन के मुताबिक पीड़िता के साथ २००५ में ज्यादती करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने १७ साल बाद २०२२ में उसे गिरफ्तार किया और न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने आरोपी को वर्ष 2018 के पूर्व भा. द.वि. के संशोधन की व्यवस्था के अनुरूप उचित दंडादेश से दंडित किया है। प्रकरण में विवेचना निरीक्षक भरत सिंह ठाकुर एवं उप निरीक्षक आर पी गायधने द्वारा की गई थी।
