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-एक आरोपी निकला नगर निगम कर्मचारी
-ऑनलाइन गेम, सट्टे में रकम हारने पर बनाई थी योजना
-100 से अधिक कैमरे खगांलने पर मिला आरोपियो का सुराग

भोपाल। गौतम नगर थाना इलाके में स्थित करोंद मंडी के पास 28 मई को कलेक्शन एजेंट पर धारदार हथियार से हमला कर नोटों भरा बैग व मोबाइल लूट की कहानी फर्जी निकली। लूट का मास्टरमांइड कोई ओर नहीं बल्कि फरियादी कलेक्शन एजेंट ही निकला। उसने ही कलेक्शन का पैसा ऑनलाइन गेम व ऑनलाइन सट्टे में हार जाने के कारण फर्जी लूट की योजना बनाई थी। लूट का पदार्फाश करते हुए पुलिस ने फरियादी बने आरोपी सहित उसके चार साथियो को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार इब्राहिमगंज थाना हनुमानगंज निवासी आदित्य आर्य (23) टाटा कंज्यूमर में कलेक्शन एजेंट है। उसने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया था, कि बीती 28 मई को वह ईदगाह हिल्स स्थित गुरुनानक देव किराना स्टोर से कलेक्शन के पैसे लेकर एक्टिवा गाड़ी से अपने ऑफिस भानपुर की ओर जा रहा था। जेपी नगर तिराहा से करोंद मंडी वाले रोड पर डिओ गाड़ी पर सवार दो नकाबपोश पीछे से आए। उनमें से एक बदमाश ने पीठ पर चाकू से हमला कर हाथ से आईफोन और नगदी से भरा बैग झपट लिया। बैग में चार दिन के कलेक्शन के करीब 70 हजार रुपए रखे थे। पुलिस ने लूट का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने जेपी नगर तिराहा, डीआईजी बंगला चौराहा, पीजीबीटी रोड, मिलिट्री पुलिया टीला, समेत 100 से अधिक स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखकर आरोपियो का रुटमेप तैयार किया। हाथ लगे सुरागो के आधार पर पुलिस ने 31 मई को मुखबिर की सूचना पर आसिफ अली (19) निवासी चिकलोद रोड जहांगीराबाद, प्रदीप यादव (24) निवासी पातरा पुल जहांगीराबाद, अमन खान (21) निवासी बाबा फरीद गली जहांगीराबाद को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी आसिफ और प्रदीप यादव ने फरियादी आदित्य आर्य के कहने पर लूट की वारदात को अंजाम देना कुबूल किया। आरोपी अमन खान ने अपनी डियो गाड़ी वारदात के लिए उपलब्ध कराई थी। आगे की पूछताछ में पता चला की आदित्य आर्य ऑनलाइन गेम व ऑनलाइन सट्टे में कलेक्शन की काफी रकम हार गया था।

घटना से करीब 10 दिन पहले उसने अपने दोस्त दीपांश योगी निवासी कटारा हिल्स को कलेक्शन का पैसा हार जाने की बात बताई। दीपांश नगर निगम कर्मचारी है। दीपांश ने आदित्य के साथ मिलकर फर्जी लूट की योजना बनाई। उसने अपने दोस्त आसिफ को आदित्य से मिलाया। आसिफ व आदित्य ने अपने मोबाइल नंबर एक-दूसरे को दिए। आसिफ को आदित्य के कहे अनुसार काम करने के लिए कहा गया। काम के बदले उसे पैसा देने का वादा किया गया। 28 मई को घर से निकलने के बाद आदित्य ने आसिफ को व्हाट्सएप कॉल कर अपनी बताई जगह पर बुलाकर पीछा करने और खुद की बताई जगह पर कंपनी के कर्मचारी की मौजूदगी में लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए कहा गया। इस तरह आसिफ ने अपने दोस्त अमन खान की डिओ मोपेड को लेकर प्रदीप यादव के साथ फर्जी लूट का अंजाम दिया। घटना के समय आदित्य का साथी कर्मचारी अनिल जाट दूसरी मोटरसाइकिल पर साथ चल रहा था। आरोपियों ने डिओ गाड़ी के नंबर के दो अंक छिपा लिए थे। पुलिस ने बताया कि फर्जी लूट की कहानी बनाने वाले आदित्य आर्य ने 29 मई को 11 नंबर मल्टी के पास आसिफ को बुलाकर साड़े तीन हजार रुपए दिए। आदित्य ने अपनी बहन के मोबाइल से आसिफ को कॉल कर बुलाया था। आसिफ ने आदित्य को लूटा बैग लौटा दिया। आरोपियों ने रेडियम कटर से आदित्य की पीठ पर हल्का वार किया था। वहीं साथी कर्मचारी अनिल जाट की मौजूदगी में वारदात को इसलिए अंजाम दिया गया, ताकि वह वारदात की पुष्टि कर सके और आदित्य को पैसा कंपनी में जमा न कराना पड़े। फरियादी के कहे अनुसार आरोपी आसिफ ने लूटा मोबाइल फोन बेचने के लिए अमन खान को दे दिया था।

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