
चार आरोपी पुलिस गिरफ्त में
गुना | जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी के निर्देशन में लगातार त्वरित कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी राघौगढ़ दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में राघौगढ़ थाना पुलिस ने एक गंभीर वारदात का महज 24 घंटे में खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्त में ले लिया है, जिनमें एक विधि विवादित किशोर भी शामिल है।
दिनांक 01 जून 2025 को फरियादी दिनेश पुत्र कोमल साहू (उम्र 18 वर्ष), निवासी ग्राम मथनेर, थाना शाढ़ोरा, जिला अशोकनगर ने राघौगढ़ थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह राघौगढ़ में अपने परिचित से मिलने जा रहा था, तभी रास्ते में चार अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने उसे बंधक बनाकर मारपीट की, गालियां दीं और 2000 रुपये नगद व उसकी हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल लूट ली। इसके अलावा, आरोपियों ने उसे धमकाकर 3000 रुपये की राशि फोनपे के माध्यम से पवन मेर नामक व्यक्ति के खाते में डलवा ली।
प्रकरण पर राघौगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 178/25 धारा 127(7), 296, 309(6), 351(3) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने जिस मोबाइल नंबर पर राशि ट्रांसफर हुई थी, उसकी पहचान पवन मेर निवासी मेर मोहल्ला, राघौगढ़ के रूप में की। पुलिस ने तत्परता से पवन पुत्र गोपाल मेर (उम्र 21 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने राकेश मेर, गोपाल सहरिया और एक विधि विवादित किशोर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
इसके पश्चात पुलिस ने शेष आरोपियों की तलाश शुरू की और अगले ही दिन, 2 जून 2025 को राकेश पुत्र रामचरण मेर (उम्र 26 वर्ष), निवासी मेर मोहल्ला राघौगढ़ तथा गोपाल पुत्र जितेंद्र सहरिया (उम्र 23 वर्ष), निवासी लालापुरा राघौगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। विधि विवादित किशोर को भी कानूनन पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया, जिनके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल और 2000 रुपये नकद बरामद किए गए।
राघौगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न सिर्फ वारदात का समय पर खुलासा हुआ बल्कि आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटा गया सामान भी बरामद किया गया, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और आमजन में विश्वास मजबूत हुआ है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जुबेर खां, उपनिरीक्षक रवि भिलाला, कमल सिंह मीना, सउनि सीताराम धुर्वे, प्रधान आरक्षक भप्पूलाल, भूपेंद्र शर्मा, आरक्षक रमेश दोहरे, देवेंद्र नरूका, बलभद्र चौहान, धर्मेंद्र रावत, अजय सिकरवार, नंदकिशोर बाथम, हरवीर सिंह बागड़ी, जितेंद्र मीणा, अवधेश शाक्य, सीताराम मीणा और संजय मीणा की विशेष भूमिका रही।
