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कहा हम लोगों ने टी. व्ही. में भी देखा और पेपर में भी पढ़ा है इसलिए मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मकान बनाये हैं

दमोह। हितग्राही भीकम सींग द्वारा दमोह कलेक्टर के नाम एक आवेदन सौंपा जिसमें बताया कि वे भड़वारी कुलुवा उर्फ मारूताल के निवासी हैं तथा दमयंती नगर के सामने निवासरत हैं। यह कि हाऊसिंग बोर्ड द्वारा करीब 10 दिन पहले नाप करवाया, उनके अधिकारियों द्वारा कहा गया कि ये जमीन शासन से हाऊसिंग बोर्ड को दे दी गई है इसलिए ये जगह आपलोग खाली कर देवे। यह कि हमलोगों ने कहा कि करीब 100 सालों से हमारे बाप दादा निवास करते आ रहे हैं तथा हमलोगों के पक्के आवास बने हैं तथा कुछ हितग्राहियों को शासन से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनाये गये हैं जिन्हें आवास स्वीकृति हुई है, जो निम्न हैं  संजय यादव, सरमन यादव, कपूरचंद राय, सेवक यादव, लखनयादव, ज्ञानबाई यादव, गुलाबरानी यादव, मुकेश यादव, बैरे आदिवासी, मुन्ना यादव, रणवीर यादव, गढ़बर यादव, प्रहलाद यादव, भटले यादव, मेघराज यादव, अस्स मुड़ा, मोहन यादव, गंगाबाई गुड़ा इन 18 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिले, इनके पक्के कच्चे मकान बने हैं। यह कि शहर में जटाशंकर कालोनी, शोभानगर कालोनी, सुभाष कालोनी, इंदिरा कालोनी, मुकेश कालोनी, जबलपुर नाका, गधागंज, भैरोबिहर इन 8 स्थानों पर सभी लोग शासकीय भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं। यहाँ के लोगों को क्यों कहीं क्यों नहीं हटाया जा रहा है है सिर्फ कुलुवा उर्फ मारूताल के यहाँ रहनेवाले हम गरीब हितग्राहियों को ही हाऊसिंग बोर्ड द्वारा हटाने को क्यों कहा जा रहा है। यह कि हमलोगों को बेघर किया जा रहा है जबकि शासन से मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री का कहना है कि जो गरीब व्यक्ति जहाँ शासकीय भूमि पर रह रहा है उसे किसी भी कीमत पर शासन की किसी भी योजना के तहत हटाया नहीं जा सकता। फिर हम हितग्राहियों के साथ इतना अत्याचार हाऊसिंग बोर्ड के अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है, क्यों हटाने की धमकी दी जा रही है। हमलोगों पर दया दृष्टि कर यथावत रहने की, न हटाये जाने की कार्यवाही करने की दया करें क्योकि गरीबों के 120 मकान व झोपड़ी बने हुए हैं। यह कि मैंने पूर्व में कलेक्टर को दिनांक 28.08.2024 को कलेक्ट्रेट जाकर सभी लोगों ने मिलकर आवेदन दिया था और उसी दिन हमलोगों ने सांसद को भी आवेदन दिया था और उसी दिन जयंत कुमार मलैया को भी आवेदन दिया था और दिनांक 18.07.2024 में सभी लोग मिलकर मुख्यमंत्री म. प्र. शासन को भी भोपाल जाकर आवेदन दिया था और हमसभी लोग तहसील कार्यालय जाकर एस. डी. ओ. को भी आवेदन प्रस्तुत किया था। हमलोग करीब 2 वर्षों से हाऊसिंग बोर्ड के कर्मचारी से परेशान हैं। हम लोगों ने मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मकान बनाये हैं। मुख्यमंत्री जी ने वचन पत्र में कहा था कि अगर मेरी सरकार बनेगी तो मैं गरीबों को मकान बनाने के लिए पट्टा जरूर दूंगा। जो कि मैंने टी. व्ही. में भी देखा और पेपर में भी पढ़ा है इसलिए मुझे सरकार पर पूर्ण विश्वास था कि गरीबों के साथ सरकार कभी धोखा नहीं करेगी। अब मुख्यमंत्री अपने वचन पत्र से क्यों मुकरते हैं और यहाँ के सांसद एवं विधायक उस वचन पत्र से क्यों मुकरते हैं। शासन को खजाने में ऐसी कौन सी कमी पड़ गई जो कि गरीबों को बेघर कर हाऊसिंग बोर्ड को जमीन बेची जा रही है। हाऊसिंग बोर्ड ने कभी वहाँ पर न कभी बोर्ड लगाया है और बार-बार परेशान करता है। मांग है कि शासन प्रशासन से निवेदन है कि गरीबों को परेशान न करें जहाँ पर गरीबों के मकान बने हैं वहाँ यथावत रहने दें। साथ ही उक्त विषय में विधायक श्री जयंत मलैया को भी आवेदन सौंपा गया।

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