
हत्या या आत्महत्या, जांच में जुटी कोतवाली पुलिस
बालाघाट। सोमवार से लापता अपाला कोचिंग के संचालक नारायण बोपचे का शव मंगलवार को वैनगंगा नदी के आमाघाट क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थिति में मिला। शव की स्थिति अत्यंत खराब थी और वह काला पड़ चुका था। शव से करीब 15-20 फीट दूर उनके कपड़े, मोबाइल और चप्पल भी बरामद हुए हैं। कोचिंग संचालक के मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पता चल पाएगा। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई प्रारंभ की। परिजनों और दोस्तों द्वारा शव की पहचान नारायण बोपचे के रूप में की गई।
जानकारी के अनुसार अपाला कोचिंग के संचालक नारायण बोपचे 9 जून की सुबह से लापता हो गए थे। जिनकी परिजनों और दोस्तों द्वारा खोजबीन की जा रही थी। लेकिन उनका कहीं भी पता नहीं चल पाया था। बताया गया है कि कोचिंग संचालक नारायण बोपचे की गुमशुदगी भी कोतवाली में दर्ज कराई गई थी।
मंगलवार को वैनगंगा नदी के आमाघाट में एक शव देखा गया। शव काला पड़ चुका था। शव से करीब 15-20 फीट दूर उनके कपड़े, मोबाइल और चप्पल पाई गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर खोजबीन कर रही थी। मंगलवार को मोबाइल लोकेशन के आधार पर ही पुलिस और दोस्त वैनगंगा नदी के आमाघाट पहुंचे। जहां रास्ते पर पहले सायकिल मिली। जहां से करीब दो सौ फीट दूर उनका शव पाया गया।
इस घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे थे। घटना को लेकर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थी। बताया गया है कि कोचिंग संचालक नारायण बोपचे बीते कुछ दिनों से अवसाद में थे। उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना काफी कम कर दिया था। अवसाद के कारणों का भी उन्होंने किसी से जिक्र नहीं किया था।
