
गुस्साए लोगों ने सड़क पर रखा शव, लगाया जाम
जबलपुर। शहर के माढोताल क्षेत्र में गत शाम आई तेज हवा ने एक दर्दनाक हादसे की नींव रख दी। हवा के झोंकों से एक खंभे से बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिर गया। इस टूटे हुए तार में करंट होने की आशंका को देखते हुए स्थानीय निवासियों ने तुरंत बिजली विभाग को फोन कर सूचना दी, लेकिन विभाग की घोर लापरवाही के चलते मौके पर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।
इस लापरवाही की कीमत रविवार सुबह एक मजदूर को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। जानकारी के अनुसार, कटंगी निवासी 25 वर्षीय सौरभ ठाकुर पिता गुड्डा ठाकुर, जो रोज़ी-रोटी के लिए मजदूरी करता था, सुबह रिक्शा फार्म के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान वह टूटे हुए बिजली के तार की चपेट में आ गया और करंट लगने से बुरी तरह झुलस गया। सौरभ की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही माढोताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल सब स्टेशन से बिजली विभाग के कर्मचारियों को बुलवाया और बिजली आपूर्ति बंद करवाई। इसके बाद शव को तार से अलग कर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि सौरभ टूटा हुआ तार कहां से और कैसे छू बैठा, लेकिन प्रारंभिक जांच में लापरवाही की बात सामने आ रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बिजली विभाग की अनदेखी बना हादसे का कारण..
स्थानीय निवासियों ने बताया कि शनिवार शाम करीब 5:21 बजे ही उन्होंने बिजली विभाग को टूटे हुए तार की जानकारी फोन पर दे दी थी। इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई कर्मचारी रातभर मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों का आरोप है कि अगर समय रहते बिजली विभाग ने संज्ञान लिया होता, तो आज सौरभ जिंदा होता।
गुस्साए लोगों का प्रदर्शन..
सौरभ की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और लापरवाह बिजली विभाग के कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जाम की खबर मिलते ही माढोताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास शुरू किया। लेकिन आक्रोशित भीड़ ने प्रशासन से लिखित आश्वासन मांगा कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और मृतक के परिवार को मुआवजा मिलेगा।
मुआवजे और कार्रवाई की मांग
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए सौरभ ठाकुर के परिजनों को कम से कम 10 लाख रुपये मुआवजा और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साथ ही, संबंधित बिजली विभाग के कर्मचारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की जा रही है।
