Spread the love

धार्मिक स्थल पर दर्शन के बहाने बुदनी के जंगल में ले जाकर उतारा था मौत के घाट

शरीर पर चाकू से किये कई वार, पत्थर पटके और गला घोंट दिया
भोपाल। राजधानी भोपाल में रहने वाली ब्यूटीशियन नैना उर्फ शिखा पासवान की हत्या के मामले में तीन साल आठ महीने बाद कोर्ट ने भाजपा नेता रहे उसके पति रजत कैथवास को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास सहित आठ हजार रुपए का अर्थदंड की सजा से दण्डित किये जाने का फैसला सुनाया है। जघन्य हत्याकांड में युवती शिखा की गुमशुदगी की रिपोर्ट भोपाल शहर के कोलार रोड थाने में दर्ज हुई थी। बाद में उसकी लाश सीहोर जिले के बुदनी के जंगलो में मिलने पर सीहोर जिले के बुदनी थाने में प्रकरण दर्ज हुआ था। सीहोर जिला न्यायालय में न्यायाधीश वैभव विकास शर्मा की अदालत ने सूनवाई पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया है। सनसनीखेज हत्याकांड में जानकारी के मुताबिक कोलार रोड स्थित राजहर्ष कॉलोनी में रहने वाली 24 वर्षीय नैना उर्फ शिखा पासवान का पूरा परिवार पहले गौतम नगर थाना क्षेत्र में स्थित नारियलखेड़ा निशातपुरा में रहता था। शिखा पासवान शाहपुरा थाना इलाके में स्थित ड्रीम ब्यूटीपार्लर में ब्यूटीशियन थी, वहीं उसके पिता कैनरा बैंक में नौकरी करते है, और मॉ गृहिणी है। नारियलखेड़ा में नैना की दादी का घर है, नैना भी अधिकतर दादी के घर पर रहती थी। दादी के मकान के पास ही आरोपी रजत कैथवास परिवार सहित रहता है। उसके पिता रविशंकर कैथवास मंत्री का वाहन चलाते थे। वहीं रजत कैथवास भारतीय जनता युवा मोर्चा का सक्रिय कार्यकर्ता था, और क्षेत्र में आयोजित पार्टी के हर आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। रजत सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर खुद को शाहजहांनाबाद मंडल का उपाध्यक्ष लिखता था। शाहजहांनाबाद इलाके में कई जगहों पर भाजपा के कई नेताओ के साथ उसकी तस्वीरें होती थी। 15 अक्टूबर, 2021 को नैना उर्फ शिखा पासवान मोपेड लेकर मॉ शारदा पासवान से दुर्गा झांकी देखने का कहकर घर से बाहर गई थी, उसके बाद वापस नहीं लौटी। वही उसका फोन भी लगातार बंद आ रहा था, काफी खोजबीन के बाद चिंतित परिवार वालो ने कोलार रोड थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। नैना को लेकर कोलार पुलिस जॉच कर रही थी, इसी बीच उसकी मोपेड भोपाल के निशातपुरा थाना इलाके के करोद क्षेत्र में पुलिस को रात के समय दो दिन बाद जली हुई हालत मे मिला था। और 17 अक्टूबर को नैना उर्फ शिखा पासवान की लाश बुधनी मिडघाट के पास जंगल में काफी बुरी हालत में पुलिस ने बरामद की थी। पीएम रिर्पोट में पता चला की नैना के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार कर उसे अधमरा करने के बाद भारी वस्तू उसके शरीर पर पटकी गई और उसका गला घोंटकर हत्या की गई थी। 18 अक्टूबर को सनसनीखेज अंधे कत्ल का पुलिस ने राजफाश करते हुए उसके पति रजत कैथवास को गिरफ्तार किया था।

नैना के परिजनो ने जताया था पति रजत पर संदेह
नैना के लापता होने के बाद उसके परिजनो ने पुलिस को बताया की दादी के घर आने-जाने के दौरान रजत ने उसे अपने प्रेम जाल में फांस लिया। बाद में दोनो ने मंदिर में जाकर शादी की थी। इसके बाद दोनों के परिवार वालो ने उनके फैसले पर अपनी रजामंदी देते हुए उन दोनों की शादी कर दी थी। शादी के थोड़े समय बाद ही रजत ने नैना के साथ मारपीट करते हुए यह कहकर घर से निकाल दिया कि उसके माता-पिता शादी से खुश नहीं हैं। इसके बाद नैना परिजनो के पास आकर रहने लगी ओर पति रजत के खिलाफ कोर्ट में भरण-पोषण का मामला दर्ज कराने के साथ ही रजत के खिलाफ पुलिस में मारपीट करने की शिकायत भी दर्ज कराई थी। मृतका नैना के परिजनो ने पुलिस को यह भी बताया था की रजत उनकी बेटी पर केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहा था। ओर केस वापस नहीं लेने पर उसकी हत्या की धमकी देता था।

पति रजत ने किया बेरहमी से पत्नी के कत्ल का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि रजत पत्नी द्वारा किये गये कोर्ट केस से परेशान था, ओर वो भरण-पोषण नहीं देना चाहता था। इसी वजह से उसने पत्नि की हत्या की खौफनाक साजिश रच डाली। रजत ने खुलासा किया कि अपनी योजना के अनुसार उसने नैना को धार्मिक स्थल का दर्शन करने के बहाने बुलाया था। निशातपुरा से वह पत्नि नैना को अपने दो पहिया वाहन से बुदनी, सीहोर के जंगल लेकर पहुंचा। जंगल में ले जाकर सुनियोजित तरीके से नैना के शरीर पर चाकू से कई वार किये। नैना के अधमरा होने पर रजत ने उसके शरीर पर पत्थरो से घातक वार किये ओर फिर उसका गला घोंट कर मौत की नींद सुला दिया। प्लानिंग के मुताबिक नैना की हत्या के बाद आरोपी रजत उसकी लाश को जंगल मे ही पटककर वापस भोपाल आ गया, ओर भोपाल पहुंचते ही नैना के दो पहिया वाहन को आग से जलाकर घर चला गया। जघन्य हत्याकांड को सीहोर जिला प्रशासन ने गंभीर प्रकृत्ति का मानकर संवेदनशील श्रेणी में रखा था। विशेष लोक अभियोजक द्वारा सीहोर जिला कोर्ट में पेश की गई दलीलो, सबूतों और भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर अदालत ने रजत कैथवास को दोषी करार देते हुए हत्या के मामले में आजीवन कारावास और सबूत मिटाने के मामले में सात साल की सजा एंव 8 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *