
पत्रकार वार्ता में कोंग्रेसजन ने दी आंदोलन की चेतवानी
गुना। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ 26 जून को अशोकनगर जिले में दर्ज हुई एफआईआर को कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी की तानाशाही और साजिश करार दिया है। इस घटना के विरोध में सोमवार को गुना में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मेहरबान सिंह धाकड़ और बमोरी विधायक इंजी. ऋषि अग्रवाल ने पत्रकारों से बात की और भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि आपकी सत्ता की हनक और दबाव की राजनीति ज्यादा दिन तक नहीं चलेगी। सच्चाई की जीत होगी और मध्यप्रदेश का लोकतंत्र इस राजिश को परास्त करेगा।
पीड़ितों को मिला नहीं न्याय, सवालों के घेरे में प्रशासन और पुलिस की भूमिका
बमौरी विधायक इंजी. ऋषि अग्रवाल ने बताया कि अशोकनगर जिले के मुंगावली थाना क्षेत्र में कुछ पीडि़तों के साथ गंभीर कृत्य सामने आया था। इन पीडि़तों ने सबसे पहले जनसुनवाई के दौरान अशोकनगर कलेक्ट्रेट में प्रशासन से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई थी। इस घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। लगभग 10 से 15 दिनों तक न्याय न मिलने पर पीडि़तों ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से ओरछा में मुलाकात की और उन्हें आपबीती सुनाई, जिसमें मारपीट, बाइक छीनने और मल खिलाने की कोशिश जैसी जघन्य घटनाओं का जिक्र था। पीडि़तों को उम्मीद थी कि जिस तरह जीतू पटवारी पूरे प्रदेश में बेरोजगारों, शोषितों और वंचितों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, उसी तरह उन्हें भी न्याय दिलाएंगे। पटवारी ने पीडि़तों से मिलने के बाद तुरंत अशोकनगर कलेक्टर से फोन पर बात की और उन्हें न्याय दिलाने का आग्रह किया। इसके बाद यह घटना पूरे मध्यप्रदेश में एक बड़ी खबर बन गई।
कितनी घटनाएं छिपाओगे?
कांग्रेस का आरोप है कि मध्यप्रदेश सरकार इस घटना को दबाने की कोशिश कर रही थी, और जब यह बात उजागर हुई तो 26 जून को जीतू पटवारी के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कर दी गई। ऋषि अग्रवाल ने भाजपा सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह लोकतंत्र को जकडऩे और शोषित, वंचितों के खिलाफ आवाज उठाने वालों की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इसके बावजूद रुकेगी नहीं और जहां भी अत्याचार होगा या बेरोजगारों की बात नहीं सुनी जाएगी, कांग्रेस मुखर होगी।
उन्होंने परीक्षाओं में हो रहे घोटालों का भी जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष और मीडिया की जवाबदेही है कि वे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते रहें।
एफआईआर हो रद्द पीड़ितों को मिले न्याय
कांग्रेस ने मांग की है कि जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज झूठी एफआईआर की जांच की जाए और इसे तुरंत रद्द किया जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब 10 जून को पीडि़तों ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी, तो 15 दिनों तक पुलिस और प्रशासन ने क्या कार्रवाई की। ऋषि अग्रवाल ने पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बताते हुए अशोकनगर जिले की घटना की भी गहन जांच की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि यह एक बड़ा जांच का विषय है कि क्या पीडि़तों पर दबाव डाला गया, जिसके चलते उन्होंने शपथ पत्र देकर अपनी शिकायत वापस ले ली। अग्रवाल ने याद दिलाया कि पीडि़त शुरुआत में न्याय न मिलने पर आत्महत्या करने की बात कर रहा था, और अब किस दबाव में उसने शिकायत वापस ली, इसकी भी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने पीडि़तों को तुरंत कानूनी सुरक्षा प्रदान करने और पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
यह रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी गुना के अध्यक्ष मेहरबान सिंह धाकड़, बमौरी विधायक ऋषि अग्रवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरिशंकर विजयवर्गीय, शेखर वशिष्ठ, प्रकाश सिंह धाकड़, रमेश सेंड़ो, पंकज कनेरिया, नरेंद्र सिंह कुशवाह, तरूण सेन, अनुज रघुवंशी, आर्यन सेंड़ो आदि उपस्थित रहे।
