
नई दिल्ली। शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में रि-लिस्टेड कर दी है। अब मामले की सुनवाई अगस्त में होगी। उद्धव ने अपील की है कि उन्हें शिवसेना नाम, ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिह्न और बाघ वाले भगवा झंडे का इस्तेमाल फिर से करने दें। यह मांग महाराष्ट्र में होने वाले नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनावों के लिए की गई है।
उद्धव के वकील देवदत्त कामत ने 2 जुलाई को छुट्टियों के दौरान काम कर रही सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सामने इस मामले पर जल्दी सुनवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे गुट को इन चिह्नों का इस्तेमाल करने से रोका जाए, क्योंकि ये असली शिवसेना की पहचान हैं और जनता इन्हें भावनात्मक रूप से जोड़कर देखती है। साल 2022 में शिंदे के गुट ने शिवसेना से बगावत की थी। इसके बाद फरवरी 2023 में चुनाव आयोग ने शिवसेना नाम और उसका चिह्न धनुष-बाण शिंदे गुट को दिया था। ठाकरे गुट ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और ये मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
उद्धव गुट की मांग हैं कि चिह्न इस्तेमाल करने की इजाजत मिले स्थानीय चुनाव नजदीक हैं, तब उद्धव गुट चाहता है कि कोर्ट कोई अस्थायी (इंटरिम) फैसला दे, ताकि चुनावों में उनका नुकसान न हो। उन्होंने सुझाव दिया कि जैसे एनसीपी विवाद में कोर्ट ने अजित गुट को चिह्न इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी, वैसे ही यहां भी किया जा सकता है। वहीं शिंदे गुट के वकील ने बताया कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव पहले ही इसी नाम और चिह्न से हो चुके हैं और सुप्रीम कोर्ट पहले ठाकरे की ऐसी ही मांग को मना कर चुका है।
