
बढ़ते जल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने जलस्रोतों के पास जाने पर लगाया है प्रतिबंध
बालाघाट। वैनगंगा नदी में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा टल गया, जब एक युवक पानी के तेज बहाव में बह गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और युवक का सफल रेस्क्यू किया गया। युवक की पहचान फॉरेस्ट कॉलोनी, बालाघाट निवासी भानुप्रताप दुबे (25) के रूप में हुई है, जो मछली पकडऩे नदी गया था। हालांकि, प्रशासन ने वर्षा ऋतु में बढ़ते जल स्तर को देखते हुए जलस्रोतों के पास जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। बावजूद इसके लोग अपनी जान जोखिम में डालकर जलस्रोतों के पास पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार भानुप्रताप दुबे अपने कुछ साथियों के साथ वैनगंगा नदी में मछली पकडऩे के लिए गया था। इसी दौरान वह अनियंत्रित हो गया। जिसके चलते नदी के तेज बाहव में वह बह गया। गनीमत था कि युवक ने नदी के बीच मौजूद चट्टान और झाडिय़ों को पकडकऱ खुद को बहने से बचा लिया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी विजय सिंह राजपूत सहित अन्य अमला मौके पर पहुंचा। उन्होंने रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दी। एसडीईआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक का सफल रेस्क्यू किया।
इधर, नदी में युवक के बहने की जानकारी जैसे ही लोगों को लगी, वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। इस दौरान घटना स्थल पर लोगों का हुजूम लग गया। हर कोई युवक के पानी में बहने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे थे।
प्रशासन के आदेश की हो रही नाफरमानी
मौजूदा समय में जिले में बारिश का दौर है। ऐसे में प्रशासन ने जलस्रोतों के पास जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके आदेश भी जारी कर दिए हैं। बावजूद इसके लोग प्रशासन के इस आदेश की नाफरमानी की जा रही है। आदेश को नजर अंदाज करते हुए बड़ी संख्या में लोग वैनगंगा नदी जैसे जलस्रोतों के पास पहुंच रहे हैं। मंगलवार को जो हादसा हुआ, वह भी इसकी ही बानगी है।
सेल्फी लेने और रील बनाने पहुंचते हैं लोग
नदी-नालों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में लोग अपनी जान की परवाह किए बगैर सेल्फी लेने और रील्स बनाने के लिए जलस्रोतों के पास पहुंच रहे हैं। वैनगंगा नदी में इसका नजारा रोजाना देखा जा सकता है। बावजूद इसके इन्हें न तो यहां कोई रोकने वाला होता है और न ही प्रशासन ने यहां किसी तरह का चेतावनी बोर्ड लगाया है।

इनका कहना है
युवक के वैनगंगा नदी में बहने की सूचना मिली थी, जिसे रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी-नालों में पानी का बहाव तेज रहता है। इस स्थिति में कोई भी व्यक्ति नदी-नालों के किनारे जाने से बचे, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
–विजय सिंह राजपूत, थाना प्रभारी कोतवाली
