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इटावा। इटावा के बकेवर क्षेत्र के दांदरपुर गांव में कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहयोगी संतराम यादव एक गंभीर विवाद में फंस गए हैं। इन दोनों पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जाति छुपाने और महिला के साथ छेड़खानी जैसे संगीन आरोप लगे हैं। मामले की जांच के दौरान कथावाचक मुकुट मणि यादव के पास से दो आधार कार्ड मिले, जिनमें एक में नाम मुकुटमणि अग्निहोत्री और दूसरे में मुकुट सिंह दर्ज था, जबकि दोनों कार्ड का आधार नंबर एक ही था। यजमान की शिकायत पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया गया। आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका 16 जुलाई को अपर सत्र न्यायाधीश-7 की अदालत ने खारिज कर दी। इसके बाद झांसी जिले के पूंछ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जेपी पाल की मांग पर अदालत ने दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। इस केस को संवेदनशील मानते हुए इटावा एसएसपी बृजेश ने जांच को जिले से बाहर स्थानांतरित करने की सिफारिश की थी, जिसके बाद एडीजी कानपुर जोन ने इसे झांसी ट्रांसफर कर दिया। मामला तब और गर्माया जब कथित आरोपों के बावजूद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कथावाचकों को लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया। इससे राजनीतिक बहस भी छिड़ गई। ग्रामीणों में नाराज़गी इतनी बढ़ गई कि कथावाचक के सहयोगी का सिर तक मुंडवा दिया गया। यह मामला अब केवल कानून का नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संवेदनशीलता का भी मुद्दा बन चुका है।

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