
45 दिन के अंदर देना होगा जवाब
जबलपुर। जबलपुर के प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) पर लगे गंभीर आरोपों के जांच के लिए मप्र शासन के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए आरोप पत्र जारी कर दिया| मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम के अंतर्गत आरोप पत्र जारी किया गया है। जिसमें 45 दिन के अंदर लिखित जवाब प्रस्तुत नहीं होने पर एक पक्षीय कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है| आरोप पत्र में शिकायतकर्ता नरेन्द्र कुमार राकेशिया की शिकायत के आधार पर आरोप प्रस्तावित किए जाने के कारण उन्हें सरकारी गवाहों की सूची में शामिल किया गया है। गौरतलव है कि उक्त आरोपपत्र की प्रति लोकायुक्त कार्यालय मप्र के उप विधि सलाहकार को उनके यहा दर्ज लोकायुक्त प्रकरण कमांक 91/ई/2024 के संदर्भ में प्रेषित की गई है।
आरोप पत्र में डॉ. मिश्रा पर कुल पांच प्रमुख आरोप लगाए गए हैं- निजी पैथोलॉजी लैब में हिस्सेदारी, दो विवाह करना, सेवा पुस्तिका में फर्जी पन्ने, बिना अनुमति अचल संपत्ति खरीदना और अवैध रूप से नियुक्ति प्राप्त करना शामिल हैं। इन बिन्दुओं पर विभागीय जांच की जाएगी| इस संबंध में सीएमएचओ संजय मिश्रा से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया|
