
चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के रूप में नियुक्ति देने पर विचार करें हाईकोर्ट
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने याचिका का इस निर्देश के साथ पटाक्षेप कर दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्ति के आवेदन पर विचार करें। मामला सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण न करने के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से बर्खास्त किए जाने के रवैये को चुनौती से संबंधित था।
याचिकाकर्ता तेजगढ़, दमोह निवासी विनोद कुमार अहिरवार की ओर से अधिवक्ता सचिन पांडे ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पिता वन विभाग में कार्यरत थे। उनके निधन के उपरांत याचिकाकर्ता ने अनुकंपा नियुक्ति का अावेदन किया था। जिसके अाधार पर तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति दे दी गई। लेकिन सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्य शर्त का पालन न किए जाने के आधार पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसी रवैये को चुनौती दी गई है। हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि यदि तृतीय श्रेणी के किसी पद के लिए सीपीसीटी अनिवार्य नहीं है, तो उस पर नियुक्ति दे सकते थे। फिलहाल, याचिकाकर्ता स्वयं चतुर्थ श्रेणी पर नियुक्ति का अावेदन कर चुका है, अत: उसके आवेदन पर गंभीरता से विचार करें।
