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ऐसे ही यदि मणिपुर के मामले पर भी साथ आए होते तो अच्छा होता
नई दिल्ली। मौलाना साजिद रशीदी की ओर से डिंपल यादव के खिलाफ विवादित बयान को लेकर बीजेपी भी उग्र हो गई है। एनडीए के सांसदों ने सोमवार को संसद परिसर में इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। एनडीए सांसदों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। एनडीए सांसदों के हाथों में तख्तियां लिए हुए थे उन पर लिखा था- नारी सम्मान पर भारी, तुष्टीकरण की राजनीति तुम्हारी। अब इस मामले में डिंपल यादव का रिएक्शन सामने आया है और उन्होंने सधे हुए अंदाज में बीजेपी को नसीहत दी है कि मणिपुर का मसला आप लोग क्यों नहीं उठा रहे हो।
डिंपल ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन के मायने और ज्यादा बढ़ जाते, यदि इसी तरह से मणिपुर को लेकर भी विरोध जताया होता। इस मामले में बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज और कांग्रेस की नेता रेणुका चौधरी ने सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी की और रशीदी पर हमला बोला था। वहीं एनडीए के सांसद तो आज प्रदर्शन करने के लिए संसद परिसर में निकल आए। माना जा रहा है कि सपा के मुस्लिम वोट बैंक को देखते हुए बीजेपी चाहती है कि इस मामले में अखिलेश यादव या किसी अन्य बड़े नेता को खुलकर बोलने के लिए मजबूर किया जाए। यदि नहीं बोलते हैं तो फिर उन पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया जाए।
इस मामले पर डिंपल यादव ने कहा कि यह अच्छी बात है कि अब सवाल उठ रहा है। लेकिन अच्छा होता है कि ऐसे ही आंदोलन मणिपुर को लेकर भी होते, जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर आए थे। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जिस तरह से सभी लोग साथ दिख रहे हैं। यदि मणिपुर के मसले पर भी सभी साथ आए होते तो अच्छी बात होती। बता दें सपा का मुख्य वोट बैंक मुस्लिम और यादव माना जाता है। ऐसे में एक रशीदी की ओर से डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिपप्णी से सपा असहज हो गई है। वह खुलकर रशीदी के बयान के खिलाफ बोलने को तैयार नहीं है। इसके अलावा डिंपल के अपमान को चुपचाप स्वीकार कर लेना भी उसके लिए आसान नहीं है। अखिलेश का भी इस पर कोई बयान नहीं आया है।

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