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एक फरार आरोपी की जमानत याचिका न्यायालय से निरस्त
शिवपुरी । बाघ तथा अन्य वन्यजीवों के अवैध शिकार के गंभीर मामले में संलिप्त अंतर्राज्यीय गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) द्वारा एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव), मध्यप्रदेश से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में की गई।
कार्या. प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वन्यजीव) (कक्ष- एसटीएसएफ) भोपाल के अधिकृत अधिकारी ने बताया कि इससे पहले एसटीएसएफ की क्षेत्रीय इकाइयों—भोपाल, शिवपुरी और वनमंडल श्योपुर द्वारा 4 जून को सवाई माधौपुर-श्योपुर-कराहल मार्ग पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था। इनके कब्जे से लगभग 225 नग वन्यजीवों के अवयव (हड्डियां) जब्त कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया था। वैज्ञानिक विधियों की सहायता से महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए गए, जिनके आधार पर गिरोह के तीन और सदस्यों को शिवपुरी एवं श्योपुर जिलों से गिरफ्तार किया गया।
प्रकरण में फरार चल रहे आरोपी राजा भील पिता ज्ञान सिंह भील द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय शिवपुरी में प्रस्तुत अग्रिम जमानत याचिका को न्यायालय ने 26 जुलाई को निरस्त कर दिया। न्यायालय ने अपराध की प्रकृति और गंभीरता को देखते हुए यह आदेश पारित किया कि आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इससे पूर्व, प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों दौजी, सुनीता, बनीराम एवं नरेश की जमानत याचिकाएं भी सत्र न्यायालय द्वारा निरस्त की जा चुकी हैं। सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल शिवपुरी में निरूद्ध हैं।
प्रकरण की अग्रिम कार्रवाई के तहत 27 जुलाई को शिवपुरी के पटेल चौक पडोरा से सौजीराम मोंगिया पिता जमुना मोंगिया, निवासी भीमपुर तहसील नरवर को गिरफ्तार किया गया है, जो इस मामले का एक प्रमुख आरोपी है। आरोपी को विशेष न्यायालय शिवपुरी में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे फॉरेस्ट रिमांड पर लिया गया है। गिरफ्तारी में शिवपुरी वनमंडल के कोलारस वन परिक्षेत्र के परिक्षेत्र अधिकारी एवं क्षेत्रीय अमले का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रकरण में अभी भी जांच जारी है।

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