
संसदीय कार्य मंत्री और कमलनाथ ने किया समर्थन, सीएम ने दिया आश्वासन
भोपाल। मप्र विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन खंडवा को जबलपुर की बजाय इंदौर हाईकोर्ट से जोडऩे जाने का मुद्दा उठा। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी इस मांग का समर्थन किया। कमलनाथ ने सीएम डॉ मोहन यादव को इस मामले में संज्ञान लेने की बात कही हैं।
खंडवा जिले की पंधाना विधानसभा सीट से भाजपा विधायक छाया मोरे ने खंडवा को इंदौर हाईकोर्ट से कार्ययोजना की बात कही। उन्होंने खंडवा से जबलपुर हाईकोर्ट की दूरी का हवाला दिया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि खंडवा को इंदौर हाईकोर्ट से जोड़ा जाएगा, तो खंडवा के लोगों को आसान होगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी समर्थन करते हुए कहा कि मंत्री ने इस मामले में लंबी कार्यवाही बताई है।
सीएम ने सदन में दिया आश्वासन
कमलनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन को इस मामले संज्ञान लेने की बात कही है। वहीं सीएम ने सदन में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि परिसीमन आयोग सरकार ने बनाया है। आपको बता दें कि खंडवा, जबलपुर हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार में आता है। खंडवा से जबलपुर की दूरी 477 किलोमीटर है और इंदौर 130 किलोमीटर है, इसलिए इंदौर से जोडऩे की मांग की जा रही है।
खंडवा सांसद भी कर चुके हैं मांग
गौरतलब है कि वर्षों से खंडवा-बुरहानपुर जिलों के न्यायिक अधिकार क्षेत्र जबलपुर में होने से लोगों को काफी परेशानी होती है। पैसों और समय की बर्बादी भी होती है। इसे लेकर समय-समय न्यायिक क्षेत्र जबलपुर के स्थान पर इंदौर करने की मांग उठती रही है। इससे पहले खंडवा से भाजपा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल भी यह मांग कर चुके है। इसे लेकर उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को ज्ञापन भी सौंपा था।
