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व्यापम महाघोटाले को लेकर मार्च 2015 में एनएसयूआई ने किया था प्रदर्शन
भोपाल। भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े और पार्टी प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी बड़ी राहत दी है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 10 साल पुराने विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में दोनों नेताओं को बरी कर दिया है। त्रिपाठी ने इसे न्याय की जीत बताया है। दरअसल, एनएसयूआई में रहते हुए मार्च 2015 में दोनों नेताओं ने सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ व्यापम घोटाले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। जिसके बाद हबीबगंज पुलिस ने आईपीसी की धारा 336,186,147 के तहत मामला दर्ज किया था। न्यायालय ने इस मामले में दोनों नेताओं को बरी कर दिया है। न्यायालय के फैसले पर पूर्व विधायक विपिन वानखेड़े ने इसे न्याय की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि हम माननीय न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। कोर्ट ने भाजपा सरकार के प्रतिशोध वाली घटिया राजनीति को जोरदार तमाचा मारा है। छात्र हितों में लड़ाई लड़ने पर लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दिया जाता है, और कई बार कोर्ट द्वारा भी सजा सुनाई जाती है। हालांकि, इस बार न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिशोध की राजनीति नहीं चलेगी। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि न्यायालय के इस फैसले से हम उत्साहित हैं, और इससे हमें आमजनों की लड़ाई दोगुनी ताकत से लड़ने की प्रेरणा मिलेगी। हम गांधी-नेहरू की विचारधारा को मानने वाले लोग हैं इसलिए केस, मुकदमा और जेल जाने से नहीं डरते। सत्य के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी। माननीय न्यायालय का हम पुनः धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।

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