शिक्षकों ने अनुभव की गहन शांति, सीखी आत्म-चिकित्सा की तकनीकें
दमोह। सेंट जॉन हायर सेकेंडरी स्कूल, दमोह में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों को प्राणिक हीलिंग और ट्विन हार्ट मेडिटेशन के महत्व और अभ्यास से अवगत कराया गया। यह कार्यशाला प्रोफेसर वर्षा जैन के मार्गदर्शन में आयोजित हुई, जिसे स्कूल की प्राचार्या एवं समस्त शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक अपनाया।

प्रो. वर्षा जैन ने बताया कि प्राणिक हीलिंग एक नो-टच नेचुरल थेरेपी है, जो शरीर की आभा (ंनतं) और चक्रों को संतुलित कर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक होती है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को सही श्वसन तकनीक, प्राण ऊर्जा की जागृति, चक्र हीलिंग, ग्रैटिट्यूड और फॉरगिवनेस तकनीक की व्यवहारिक जानकारी दी गई। उन्होंने मास्टर चोआ कोक सूई द्वारा लिखित पुस्तक डवकमतद च्तंदपब भ्मंसपदह का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें प्राकृतिक रूप से हीलिंग के व्यावहारिक उपाय विस्तार से बताए गए हैं। प्रो. वर्षा जैन को इस सेवा कार्य के लिए प्रेरणा अपने दोनों परिवारों से मिली, विशेष रूप से उनके ससुर श्री आर. पी. पटेल, जो एक्सीलेंस स्कूल के पूर्व प्राचार्य रहे हैं। गौरतलब है कि प्रो. वर्षा जैन के पास 10 वर्षों का फार्मेसी शिक्षण अनुभव है। वे टीसीएस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, भोपाल में कार्यरत रही हैं। इसके अलावा उन्होंने ज्ब्ै मुंबई में फार्माकोविजिलेंस साइंटिस्ट, कॉग्निजेंट पुणे में सीनियर ड्रग सेफ्टी एसोसिएट तथा पुणे में रिसर्च असिस्टेंट के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने गहन शांति का अनुभव किया और इस अभ्यास को जीवन में अपनाने की प्रेरणा ली। विद्यालय प्रबंधन ने प्रो. वर्षा का आभार जताया और इस तरह की और भी सत्र आयोजित करने की इच्छा जताई।
