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दमोह। न्यायालय श्रीमान उदय सिंह मरावी, विशेष न्‍यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्‍ट) ने खेत में लगे चीरे को लेकर हुए विवाद में हत्या करने वाले आरोपिगणों को दोहरा आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। इनमें एक आरोपी की मौत हो गई है जिसके चलते आरोपियों को सजा सुनाई गई। अभियोजन के अनुसार, फरियादी राजू अहिरवार निवासी ग्राम सगौनी कला, थाना तेजगढ़, जिला दमोह द्वारा दिनांक घटना को सर्जिकल वार्ड, जिला चिकित्सालय दमोह में देहाती नालिसी दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में उल्लेखित है कि फरियादी एवं आरोपी सुरेंद्र सिंह की कृषि भूमि एक-दूसरे से लगी हुई है तथा दोनों द्वारा अपनी-अपनी मेढ़ पर लकड़ी के चीरे लगाए गए थे। घटना के दिन फरियादी के भाई द्वारा आरोपी के चीरे को थोड़ा हटा देने से शाम लगभग 4 बजे दोनों पक्षों के बीच मामूली विवाद हुआ था। उक्त विवाद के पश्चात उसी दिन रात्रि लगभग 9:30 बजे फरियादी राजू अहिरवार, उसका भाई भगवानदास, दुर्गेश अहिरवार, पंचम अहिरवार एवं विनोद अहिरवार रविदास चबूतरा के पास बैठे हुए थे। तभी गांव के आरोपीगण सुरेंद्र सिंह हाथ में कुल्हाड़ी तथा प्रेमसिंह, शैलेन्द्र तिवारी, लख्खू सिंह, चिन्नू सिंह, मुट्टे ठाकुर, करिया सिंह, गुड्डू सिंह एवं संजू जैन हाथों में लाठियाँ लेकर वहां पहुंचे और फरियादी के भाई को अशोभनीय गालियाँ देने लगे। गाली देने से मना करने पर आरोपी सुरेंद्र सिंह ने भगवानदास के सिर पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके पश्चात अन्य आरोपियों द्वारा लाठियों से सामूहिक रूप से मारपीट की गई, जिससे भगवानदास को शरीर के विभिन्न भागों में चोटें आईं। घटना के दौरान फरियादी द्वारा बीच-बचाव करने का प्रयास करने पर उसे भी शैलेन्द्र तिवारी एवं लख्खू सिंह द्वारा लाठियों से मारपीट कर चोटें पहुंचाई गईं, जिससे उसके माथे, कमर के बाएं हिस्से एवं दाहिने कंधे पर चोटें आईं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी दुर्गेश अहिरवार, पंचम अहिरवार एवं विनोद अहिरवार द्वारा भी बीच-बचाव किया गया। गंभीर चोटों के कारण भगवानदास की मृत्यु हो गई। फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर थाना तेजगढ़ में मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान आरोपीगण सुरेंद्र सिंह, शैलेन्द्र तिवारी, मुट्टे उर्फ देवेंद्र सिंह लोधी, लख्खू सिंह उर्फ लवकुश उर्फ पवन लोधी, करिया उर्फ जितेन्द्र सिंह लोधी, संजू जैन एवं गुड्डू सिंह को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी एवं लाठियाँ जब्त की गईं। जब्त सामग्री को परीक्षण हेतु एफएसएल सागर भेजा गया। विवेचना पूर्ण होने के पश्चात समस्त आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में आई मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्य, अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर माननीय न्यायालय ने सभी आरोपीगण शैलेन्द्र तिवारी पिता मिथलेश तिवारी, आयु 30 वर्ष, (2)जितेन्द्र सींग लोधी उर्फ करिया पिता जगत सींग लोधी, आयु-26 वर्ष, (3)देवेन्द्र सींग उर्फ मुट्टे सींग लोधी पिता कोमल सींग लोधी, आयु-38 वर्ष (4) गुड्डू सींग लोधी पिता भीकम सींग लोधी, आयु-35 वर्ष (5)संजू जैन पिता कस्तूरचंद जैन, आयु-24 वर्ष (6) सुरेन्द्र सींग लोधी पिता प्रेम सींग लोधी, आयु 27 वर्ष, (7) लख्खू उर्फ लवकुश उर्फ पवन लोधी पिता ओमकार लोधी, आयु-25 वर्ष, बलराम उर्फ चिन्नू लोधी पिता भगत सींग लोधी, आयु-29 वर्ष, (9) प्रेमसिंह लोधी पिता इमरतसिंह लोधी, आयु-54 वर्ष (मृतक) को भा.द. वि. की धारा 302 में आजीवन कारावास, धारा 307 में पांच वर्ष का कारावास,sc/st act की धारा 3(2)(V) में आजीवन कारावास एवं 2700-2700 रुपए कुल 24300 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया दोहरा आजीवन कारावास से दंडित किया । मामले में पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन श्री धर्मेंद्र सिंह तारन के निर्देशन में सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री सतीश कपस्‍या द्वारा की गई एवं सहायक श्री विनय नामदेव द्वारा आवश्यक सहयोग किया गया।

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