अंतिम दिन वृक्षारोपण और पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न

दमोह। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को श्री जागेश्वरधाम बांदकपुर में मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक पंडित रामकृपाल पाठक के मारगदर्शन में चल रहे। 11 दिवसीय विश्वकल्याणार्थ महारुद्राभिषेक अनुष्ठान का समापन श्रद्धा और वैदिक परंपराओं के साथ सम्पन्न हुआ। मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता आचार्य पंडित रवि शास्त्री महाराज ने बताया कि यह आयोजन धार्मिक पूजन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर्यावरण सेवा और आस्था के प्रकृति की सेवा का संदेश बना। अनुष्ठान के अंतिम एकादश दिवस पर मुख्य यजमान के रूप में केदारनाथ दुबे सहायक प्रबंधक सपरिवार, शुभम पाण्डेय, आकाश पाण्डेय एवं विनय असाटी (नवभारत) गोपाल श्रीवास्तवव्यवस्थापक महर्षि आश्रम बांदकपुर उपस्थित रहे। सभी यजमानों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान श्री जागेश्वरनाथ जी का रुद्राभिषेक किया और विश्व शांति, पर्यावरण संतुलन तथा मानव कल्याण की प्रार्थना की। रुद्राभिषेक उपरांत गोवर्धन पर्वत (धेनुवन) क्षेत्र में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत यजमानों द्वारा विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए। वृक्षारोपण कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी देखने को मिला।

इसके पश्चात मंदिर यज्ञशाला में पूर्णाहुति का आयोजन किया गया। समस्त यजमानों, श्रद्धालुओं, वेदपाठी ब्राह्मणों और ग्रामवासियों की उपस्थिति में मंत्रोच्चार के बीच हवन सम्पन्न हुआ। इस आयोजन की सफलता में मंदिर प्रबंधक पं. रामकृपाल पाठक, सहायक प्रबंधक पं. केदारनाथ दुबे, संस्कृत वेदांग विद्यालय के प्राचार्य पं. कुंजीलाल डिम्हा, शिक्षकगण, विद्यार्थीगण, वरिष्ठ विद्वान, समिति सदस्य एवं ग्रामवासी प्रमुख रूप से सहभागी रहे। श्रावण मास के इन 11 दिनों में प्रतिदिन रुद्राभिषेक, रुद्रपाठ, वृक्षारोपण और हवन के माध्यम से शिवभक्ति और प्रकृति सेवा का संगम देखने को मिला। आयोजकों के अनुसार यह परंपरा आगे भी हर वर्ष और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित की जाएगी।
