
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस एम.एस.भट्टी की खंडपीठ ने महिला पर्यवेक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी को चुनौती देने की याचिका पर सुनवाई के बाद अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है इसके साथ ही मामलें को याचिका के अंतिम फैसले के अधीन करने की व्यवस्था दे दी| दरअसल कर्मचारी चयन मण्डल भोपाल द्वारा 9 जनवरी 2025 को विज्ञापन जारी कर, महिला एवं बाल विकास मध्य प्रदेश विकास मंत्रालय के अंतर्गत पर्यावेक्षक भर्ती 2024 आयोजित कर विभिन्न 800 पदों से अधिक सीधी भर्तियों के पदों पर नियुक्ति हेतु प्रतियोगी परीक्षा 28 फरवरी 25 को आयोजित कर 19 जून 25 को फाइनल मेरिट लिस्ट जारी की गईं। जिसमे कई अभ्यर्थियों के प्राप्ताँक याचिका कर्त्ता से बहुत कम है फिर भी उनको नियम विरूध बोनस अंक देकर चयन सूची मे शामिल किया गया। याचिकाकर्त्ता जबलपुर निवासी के.एम.वैशाली के 172.92 अंक है तथा 99.02 प्रतिशत है फिर भी उसका नाम न तों चयन सूची मे है औऱ न ही प्रतीक्षा सूची मे। याचिकाकर्त्ता द्वारा हाईकोर्ट मे याचिका दाखिल कर व्यापमं द्वारा की गईं अनियमिताओं को चुनौती दीं गईं। याचिका में अभ्यर्थियों को भी पक्षकार बनाया गया| न्यायालय ने समस्त अनावेदको को नोटिस जारी कर उक्त समस्त भर्ती प्रक्रिया को याचिका के अंतिम फैसले के अधीन कर दिया। याचिकाकर्त्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, हितेंद्र गोल्हानी, अभिलाषा सिंह लोधी ने पक्ष रखा।
