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जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने संविदा सब इंजीनियर की बर्खास्तगी पर लगाई रोक दी। इस अंतरिम आदेश के साथ ही अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया है।याचिकाकर्ता बैतूल निवासी हिमांशु राय की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा। उन्हांने दलील दी कि इस मामले में निजी विश्वविद्यालय के अनुभव को दरकिनार किया गया है। इसी आधार पर याचिकाकर्ता की नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया है। दरअसल, सब इंजीनियर पद के लिए जो विज्ञापन निकाले गए थे उसमें शैक्षणिक योग्यता में पांच साल समकक्ष पद के अनुभव की अनिवार्यता थी। आवेदक राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पांच वर्ष के अनुभव के आधार पर नियुक्त किया गया था। नियुक्ति के आठा माह बाद उसकी सेवाएं इस आधार पर निरस्त कर दी थी कि उसके पास शासकीय विभाग में कार्य अनुभव नहीं है। विभाग द्वारा स्वयं विश्वविद्यालय से आवेदक के अनुभव की जांच कराई गई थी। विश्वविद्यालय ने अनुभव प्रमाण पत्र को प्रमाणित माना था। लिहाजा, उसकी सेवा समाप्त करना अवैध ह

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