सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ 7 से – केकेपीपीएस का नौवां आयोजन

छिंदवाड़ा – वर्तमान शासन नायक 1008 तीर्थंकर महावीर भगवान की दिव्य देशना को आत्मसात करने वाले आचार्य कुंदकुंददेव की शुद्ध आगम परंपरा में आध्यात्मिक सतपुरुष गुरुदेवश्री कानजी स्वामी के दिव्य प्रभावना योग में प्रेरणा पुंज दादाश्री विमलचंदजी झांझरी के मंगल आशीष से श्री कुंदकुंद प्रवचन प्रसारण संस्थान द्वारा शाश्वत सिद्ध क्षैत्र श्री सम्मेद शिखरजी में नवलब्धि स्वरूपा निजात्म केली शिखर शिविर एवं बाल संस्कार ज्ञान वैराग्य उत्सव 7 अक्तूबर से प्रारंभ हो रहा हैं जो आगामी 13 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमे अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन सहित सम्पूर्ण विश्व के जिनवाणी तत्वरसिक जैन बंधु सम्मिलित होकर जैन दर्शन का क्रमिक अध्ययन करेंगे।
फेडरेशन के मीडिया प्रभारी दीपक राज जैन ने बताया की शिविर का शुभारंभ वर्ष 1984 में हुआ था जिसका इस वर्ष नौवां सफल आयोजन हैं जो श्री दिगंबर जैन मध्यलोक शोध संस्थान मधुवन झारखंड में कुंदकुंद कहान तीर्थ सुरक्षा ट्रस्ट मुंबई, तीर्थधाम मंगलायतम अलीगढ़, जैन युवा फेडरेशन एवं सम्यक तरंग महिला मंडल उज्जैन के विशेष सहयोग से संचालित होगा।
मैनेजिंग ट्रस्टी पंडित प्रदीप झांझरी ने बताया की शिविर में प्रतिदिन प्रातः काल से रात्रि विश्राम तक पूरे देश से पधारे सैकड़ों विद्वानों के माध्यम से विशेष कक्षाएं संचालित की जावेगी साथ ही बाल कक्षाओं सहित बालिकाओं एवं महिलाओं की विशेष कक्षा एवं विद्वानों के श्रीमुख से मंगल प्रवचनों के माध्यम से जिनवाणी माता का रसपान कराया जावेगा।
ये होंगे विविध अनुष्ठान –
अरहंत प्रकाश झांझरी ने बताया की शिविर में विशेष आयोजन के अंतर्गत नवलब्धि विधान, गुरुदेवश्री के सीडी प्रवचन, तीर्थ वन्दना, आध्यात्मिक विद्वानों के रसवंती प्रवचन, जैन सिद्धांतों पर महासेमिनार, बाल संस्कार शिविर, श्री जिनेन्द्र शोभायात्रा एवं विमल श्रुत प्रभावना रैली, साधर्मी मिलन, अमर इतिहास पर विशिष्ट कथा पंडित संजय शास्त्री जेबर द्वारा, आध्यात्मिक स्वर लहरियां, भजन संध्या पंडित संजीव जैन उस्मानपुर दिल्ली द्वारा एवं नंदकुमार जैन जबलपुर, मुमुक्षु भरत भाई मेहता, श्रीमती निकिता झांझरी सूरत सहित अन्य सुंदर अनुष्ठान किए जावेंगे जिसमे सकल जैन समाज से सम्मिलित होकर धर्म लाभ लेने की अपील आयोजकों द्वारा की गई है।
