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दहेज हत्या के मामले में पति, ससुर और जेठ बरी
भोपाल। शहर के कमला नगर थाना इलाके में नववाहिता द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी किये जाने के मामले में दहेज हत्या के आरोपी बनाये गये पति, ससुर और जेठ को अदालत ने साक्ष्यो के आभाव में बरी कर दिया है। मामले में पति करीब 27 महीने तक जेल में रहने के बाद बाहर आया है। सुनवाई के दौरान सामने आया की मृतका ने आरोपी पति से प्रेम विवाह किया था, जिसमें उसके पिता शामिल नहीं हुए थे। कोर्ट ने कहा की ऐसे में मृतका के पिता द्वारा शादी के बाद दहेज दिए जाने की संभावना नहीं रह जाती है। वहीं पति के खिलाफ दहेज मांगने की बात भी साबित नहीं हो सकी।
जानकारी के अनुसार घटना 5 मई 2023 की कमलानगर थाना इलाके की है। पति उमाशंकर ने पुलिस को सूचना देते हुए बताया था की वह कोटरा सुल्तानाबाद में किराए के मकान में रहता है। दोपहर करीब 1 बजे उसका अपनी पत्नी से बाजार जाने की बात को लेकर झगड़ा हो गया था। विवाद बढ़ने पर वह गुस्से में घर से निकलकर चौराहे पर आ गया था। थोड़ी देर बाद जब वह वापस घर गया, तो उसे पत्नी का शरीर फांसी पर लटका नजर आया। मर्ग जॉच के दौरान मृतका के पिता ने अपने बयानो में आरोप लगाते पुलिस को बताया की बेटी का पति उमाशंकर, जेठ रमाशंकर और ससुर लाल कुमार दहेज में एक लाख रुपए और बोलेरो कार की मांग को लेकर उनकी बेटी के साथ मारपीट कर प्रताड़ित करते थे। जिससे तंग आकर उसने फांसी लगाई थी। पुलिस ने पिता की शिकायत पर पुलिस ने तीनो के खिलाफ मामला कायम कर जांच के बाद तीनों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था। मामले में 23 मई 2023 को पति उमाशंकर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान सामने आया की मृतका ने आरोपी पति उमाशंकर के साथ अपने परिवार के खिलाफ जाकर 26 दिसंबर 2022 को मंदिर में लव मैरिज की थी। शादी की थी। शादी में पिता शामिल नहीं हुए थे। ऐसे में मृतका के पिता द्वारा शादी के बाद दहेज दिए जाने की संभावना नहीं रह जाती है। वहीं कोर्ट में आरोपी पति के खिलाफ दहेज की मांग किया जाना भी साबित नहीं किया जा सका। आखिरकार 27 महीने जेल में रहने के बाद उमाशंकर बरी हुए। वहीं, उमाशंकर के पिता लाल कुमार चार महीने से अधिक और जेठ रमाशंकर 114 दिन जेल में रहे।

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