
स्मार्ट मीटर शंट करने रैकेट का खुलासा
जबलपुर। घमापुर स्थित विद्युत कंपनी के एक रिटायर्ड कर्मचारी के घर पर छापा मारकर पुलिस व बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक रैकेट का खुलासा किया जो 6 हजार रुपए लेकर मीटर का शंट कर देता था, जिससे लोगों का बिल कम आता था| खासबात यह है कि विद्युत कंपनी द्वारा जो स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे है उनमें यह कलाकारी की जा रही थी| पुलिस ने मौके से 17 मीटर जब्त किए है. पुलिस ने फरार हुए आरोपी कैलाश कोरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है|
बिजली विभाग के सिटी सर्कि ल में पदस्थ अधीक्षण यंत्री संजय अरोरा को लगातार शिकायत मिल रही थी कि घमापुर क्षेत्र में कई घरों के बिजली मीटर की रीडिंग सही नहीं आ रही है. जिसपर विद्युत अधिकारियों व कर्मचारियों ने मामले में जांच शुरु कर दी है, जांच के दौरान कुछ घरों के मीटरों की जांच की तो पाया कि मीटर खोलकर उनमें पतली तारों के माध्यम से छेड़छाड़ की गई है. यहां तक कि मीटर शंट लगाया है जिससे बिजली की खपत कम होती है और बिल भी कम आता है. यह छेड़छाड़ इतनी सफाई से की जाती थी कि मीटर बाहर से बिल्कुल सही दिखाई देता था, लेकिन अंदर से उसमें गड़बड़ी की जा चुकी होती थी. इस संबंध में जब उपभोक्ताओं से पूछताछ की गई तो उन्होने बताया कि बाई का बगीचा निवासी कैलाश कोरी मीटरों में ऐसा करता था कि बिल कम आता था. इसके लिए वह 5 से 6 हजार रुपए तक लेता था. बिजली विभाग की शिकायत पर घमापुर पुलिस ने कैलाश कोरी व मजीद के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 की धारा १३५, १३८, १३९, १५० व १५१ के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है कि गिरोह में और कौन कौन शामिल है.
गिरोह के मास्टर माइंड के घर भी दबिश……………..
पुलिस को कैलाश कोरी के घर पर दबिश के दौरान यह जानकारी लगी कि गिरोह का मास्टरमाइंड मजीद नामक युवक है जो रद्दी चौकी क्षेत्र में रहता है. मजीद बिजली मटेरियल सप्लाई का काम करता था. बिजली विभाग से जुड़े होने के कारण उसे इस काम की पूरी जानकारी थी. पुलिस ने जब मजीद के घर पर दबिश दी तो वहां से भी बिजली कंपनी के कई दस्तावेज व मीटर छेड़छाड़ करने के औजार भी मिले है. इसके अलावा वह सील भी मिली जो स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान नट के ऊपर लगाई जाती है.
