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टास्क फोर्स ने चार राज्यों के 13 संस्थानों का किया दौरा; 80,000 से अधिक छात्रों सहित व्यापक ऑनलाइन सर्वेक्षण में जुटाई जा रही जनभागीदारी
नई दिल्ली/इंदौर। सर्वोच्च न्यायालय ने छात्रों में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, 24 मार्च 2025 को राष्ट्रीय टास्क फोर्स (NTF) का गठन किया था। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस. रवीन्द्र भट की अध्यक्षता में गठित इस टास्क फोर्स ने अब अपना कार्य तेज कर दिया है। टास्क फोर्स का उद्देश्य छात्रों में आत्महत्या के कारणों का अध्ययन करना, शैक्षणिक संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के उपाय सुझाना और इन घटनाओं को रोकने के लिए व्यवहारिक नीतियाँ तैयार करना है।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, वर्ष 2022 में 13,044 छात्रों ने आत्महत्या की, जो देश में दर्ज कुल आत्महत्याओं का 7.6 प्रतिशत है। देश के 60,000 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों में लगभग 4.46 करोड़ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यह स्थिति तत्काल और संवेदनशील कदमों की मांग करती है, जिसे देखते हुए टास्क फोर्स रैगिंग, भेदभाव, शैक्षणिक दबाव और वित्तीय तनाव जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दे रहा है।
टास्क फोर्स में शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, मानवाधिकार और छात्र कल्याण के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं। अब तक इस टास्क फोर्स ने दिल्ली, हरियाणा, कर्नाटक और तमिलनाडु के 13 संस्थानों का दौरा किया है। इन दौरों में छात्रों, फैकल्टी और प्रशासन से संवाद कर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों और सुझावों को समझा गया। सामाजिक रूप से वंचित समूहों, आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों और चिकित्सा विद्यार्थियों सहित नागरिक समाज के विचार भी लिए गए हैं।
नीति निर्माण में जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक ऑनलाइन सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसमें अब तक 80,000 से अधिक विद्यार्थी, 10,000 से अधिक फैकल्टी, 15,000 से अधिक अभिभावक और 700 मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ अपनी राय दे चुके हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने UGC, AICTE, NMC और अन्य नियामक संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि वे विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से छात्र सहायता तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, आत्महत्या और ड्रॉपआउट से जुड़े आँकड़े तथा शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी शीघ्र साझा करें। सभी संस्थानों को सर्वेक्षण जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में नियुक्त नोडल अधिकारी भी स्थानीय स्तर पर समन्वय कर रहे हैं।
राष्ट्रीय टास्क फोर्स ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, फैकल्टी और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण में सक्रिय भागीदारी करें और छात्र कल्याण को सशक्त बनाने में सहयोग दें।

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