
इन्दौर । टीजीएल गरबा में पहचान छुपाकर पहुंचे देवास के एक मुस्लिम युवक को हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने पकड़ा और उसकी पहचान पूछी तो वह गलत नाम बताने लगा। जबकि सोशल साइट्स पर युवतियों से दोस्ती कर उनसे अनर्गल बातें करने की चैट भी उसके मोबाइल में मिली। मामला लसूडिया थाना क्षेत्र का है। जहां निपानिया स्थित लाभगंगा परिसर में आयोजित टीजीएल गरबा में हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता नाम बदलकर युवतियों को निशाना बनाने के उद्देश्य से पहुंचने वाले मुस्लिम युवकों की धरपकड़ के लिए सक्रिय थे। इस दौरान गरबा कर रही युवतियों से भीड़ में शामिल होकर छेड़छाड़ करते और वीडियो बनाते हुए एक संदिग्ध को पकड़ा। उसने पहले अपना नाम पंकज बताया, कार्यकर्ताओं ने पंडाल से बाहर लाकर जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना असली नाम वसीम नागौरी निवासी देवास बताया। जिसके बाद उसको पकड़कर हिंदूवादी मानसिंह राजावत, कपिल कौशल, राजकुमार टेंटवाल और तपन भोजराज ने पुलिस को सौंप दिया। लसूड़िया थाना पुलिस ने उस पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। थाना प्रभारी तारेश सोनी के अनुसार युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। उसकी शिकार बनी युवतियों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है। वहीं हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं के अनुसार पूछताछ में पहले वह कह रहा था कि उसके चार-पांच हिंदू दोस्त उसे दबाव बनाकर जबरन गरबे में लाएं हैं। लेकिन उसके मोबाइल ने ही उसके झूठ को उजागर कर दिया। चेक करने पर उसके मोबाइल में अभिव्यक्ति और टीजीएल गरबा में भाग लेने आई कई युवतियों के फोटो और वीडियो मिले। वहीं उसकी वाट्स एप चैटिंग में कई युवतियों से अश्लील चैटिंग मिली। वह एक युवती को संबंध बनाने के लिए ब्लैकमेल करते संबंध न बनाने पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकियां दे रहा था। इसके बाद हिंदू जागरण मंच की टीम ने उसकी जमकर खातिरदारी कर दी।
