
भिंड । सुरपुरा थाने में पदस्थ एक आरक्षक को रिश्वत लेने के मामले में विशेष न्यायाधीश पंकज चतुर्वेदी की अदालत ने शुक्रवार को दोषी करार देते हुए 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 4 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी आरक्षक ने स्थायी गिरफ्तारी वारंटी की मदद के नाम पर घूस मांगी थी।
जानकारी के अनुसार फरियादी हरेंद्र सिंह ने लोकायुक्त को दी शिकायत में बताया था कि उनके भतीजे रोहित सिंह भदौरिया के खिलाफ न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। वारंट में हथकड़ी न लगाने, थाने में कोई अतिरिक्त धारा न जोड़ने और कोर्ट में जमानत करवाने में मदद करने के नाम पर सुरपुरा थाने में पदस्थ तत्कालीन आरक्षक फारूख खान ने 4 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।फरियादी हरेंद्र ने आरोपी आरक्षक की बातचीत की वॉयस रिकॉर्डिंग लोकायुक्त एसपी को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप की रणनीति बनाई और हरेंद्र को 1,000 रुपए की पाउडर लगे नोटों के साथ आरोपी से मिलने भेजा।
18 जनवरी 2018 को जैसे ही आरक्षक फारूख खान ने रिश्वत की राशि अपनी पैंट की जेब में रखी, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
लंबी सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में दोषी मानते हुए 4 साल की सजा और 4,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
