लखनऊ । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो गई हैं। परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले सोशल मीडिया पर पेपर लीक को लेकर उड़ रही अफवाहों पर यूपी बोर्ड ने बेहद सख्त रुख दिखाया है। यूपी बोर्ड ने साफ कर दिया है कि ऐसी खबरें पूरी तरह फर्जी हैं और इन भ्रम खबरों को फैलाने वालों को किसी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। बोर्ड ने आधिकारिक बयान देकर छात्रों और अभिभावकों को सचेत किया है। बोर्ड का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्व सुनियोजित तरीके से परीक्षाओं की शुचिता बिगाड़ने और छात्रों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। बोर्ड ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ साइबर सेल में मामला दर्ज करा दिया है। परीक्षार्थी इन भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी परीक्षा पर फोकस करें।
यूपी परिक्षा बोर्ड ने बताया कि इस साल नकल रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हाई-टेक इंतजाम किए गए हैं। सभी 8,033 केंद्रों पर वॉयस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी वेबकास्टिंग के जरिए लखनऊ से लाइव निगरानी हो रही है। 18 जिलों को संवेदनशील घोषित किया है। 222 अति संवेदनशील और 683 संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात है। 440 जिला स्तरीय और 69 मंडलीय मोबाइल स्क्वॉड नकलचियों को पकड़ने के लिए मुस्तैद हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट के माध्यम से छात्रों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं केवल आपकी शैक्षणिक योग्यता का मूल्यांकन नहीं हैं, बल्कि यह आपके धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास की भी परीक्षा है। उन्होंने छात्रों को बिना तनाव के परीक्षा देने का आशीर्वाद दिया।
