
हत्या के मामले में विशेष अदालत का फैसला
जबलपुर। एससीएसटी एक्ट मामलों के विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने अवैध संबंधों के चलते षड़यंत्र रचकर अपने पति की हत्या कराने की अरोपी पत्नी, प्रेमी व 2 अन्य आरोपियों का दोष सिध्द पाते हुये अजीवन कारावास की सजा सुना दी. साथ ही अर्थ दण्ड भी लगाया है. अभियोजन पक्ष के मुताबिक बरगी थाना क्षेत्र में गत 23 नवम्बर 2023 को ग्राम हिनौतिया भुई में प्रेम सिंह की हत्या कर मंगेली नहर के किनारे फेंक दी गई थी. पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच की, बाद में पीएम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया गया. पुलिस विवेचना के दौरान मृतक प्रेम सिंह मरावी के काल डिटेल खंगाले गये, जिसमें आखरी बार विकास पटेल का फोन रिसीव हुआ था. इस आधार पर पुलिस ने विकास पटेल और उसके साथी प्रहलाद को तलब किया, पूछताछ में खुलासा हुआ की प्रहलाद पटेल के संगीता से अवैध संबंध थे. इस बात की जानकारी संगीता मरावी के पती मृत्क प्रेम सिंह मरावी को लग गई थी. उसने संगीता को प्रहलाद से दूरी बनाने की हिदायत दी थी. इसी बीच प्रहलाद ने मोबाईल खरीद कर संगीता को दिया. जिससे वह प्रहलाद से बात चीत करती रही. संगीता और प्रहलाद ने मिलकर प्रेम सिंह मरावी की हत्या का षड़यंत्र रचा और प्रहलाद ने अपने भांजे विकास पटेल और दोस्त विष्णू पटेल को हत्या के लिये 50 हजार रुपये रुपये की सुपारी दी. योजना के मुताबिक तीनों आरोपियों ने मिलकर पहले प्रेम सिंह शराब पिलाई फिर पत्थर पटक कर उसकी हत्या कर दी और संगीता की मदद से लाश को नहर के किनारे फेंक दिया. अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी नबीता पिल्ले की दलीले सुनने के बाद सबूतों गवाहों के मद्देनजर अदालत ने चारों आरोपियों को अजीवन कारावास की सजा सुना दी.
प्रत्येक आरोपीगण को 5-5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया एवं आरोपीगण प्रहलाद पटेल, विष्णु पटेल, विकाश पटेल को धारा 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट के अपराध में भी दोषी पाया गया ।
