
पत्रकार वार्ता में अपर मंडल रेल प्रबंधक आनंद कुमार ने दी जानकारी
जबलपुर। जबलपुर रेल मंडल ने 01 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक 15 दिवसीय स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन किया, जिसका मुख्य विषय था ‘स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता’। इस दौरान मंडल के विभिन्न स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यालय परिसरों में रेल परिसरों को स्वच्छ एवं हरा-भरा बनाने के लिए कई गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस अभियान में मंडल के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे रेल यात्रियों और आम जनता में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सफलता मिली। यह जानकारी पत्रकार वार्ता में अपर मंडल रेल प्रबंधक आनंद कुमार ने दी. इस अवसर पर सुनील टेलर और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा भी उपस्थित थे।
उन्होंने बताया स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत 01 अक्टूबर को हुई, जब डी.आर.एम. कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता की शपथ ली। इस दिन मंडल के अन्य सभी स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और कार्यालयों में कर्मचारियों ने शपथ ग्रहण की, प्रभात फेरी निकाली और श्रमदान तथा पौधारोपण किया। गांधी जयंती 02 अक्टूबर को जबलपुर स्टेशन के प्लेटफार्म क्र. 1 के कॉनकोर्स में महाप्रबंधक पश्चिम मध्य रेलवे, श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय ने स्वच्छता की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ श्रमदान किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक ने सफाई मित्रों को जूट के थैले, गमछे और बीज के पैकेट भी वितरित किए। इस दिन रेलवे स्कूल लोको तलैया और WSEC KG हाई स्कूल में ड्राइंग और पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। 03 और 04 अक्टूबर को स्वच्छ स्टेशन अभियान के तहत मंडल के सभी बड़े और छोटे स्टेशनों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। 05 और 06 अक्टूबर को स्वच्छ रेलगाड़ी अभियान के तहत सभी रेलगाड़ियों में स्वच्छता की जांच की गई। 07 अक्टूबर को पटरियों की सफाई के लिए स्वच्छ पटरी अभियान आयोजित किया गया। 08 अक्टूबर को कार्यालयों, कॉलोनियों, अस्पतालों, रिटायरिंग रूम्स और वेटिंग हॉल्स में स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्वच्छ आहार के तहत 09 अक्टूबर को रेलवे की कैटरिंग यूनिट और 10 अक्टूबर को पेंट्री कार का निरीक्षण किया गया। 11 अक्टूबर को स्वच्छ नीर अभियान चलाया गया, जिसमें रेलवे के जल शोधन संयंत्र और वाटर बूथ की सफाई की गई। 12 अक्टूबर को स्वच्छ प्रसाधन अभियान के तहत सभी टॉयलेट्स, विशेषकर दिव्यांगजनों के लिए बनाए गए टॉयलेट्स की सफाई की गई। 13 अक्टूबर को स्वच्छता प्रतियोगिता के तहत स्कूल के बच्चों के बीच पेंटिंग, निबंध और कविता लेखन का आयोजन किया गया। 14 अक्टूबर को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस प्रकार, लगातार कार्यक्रमों का आयोजन कर 15 अक्टूबर को स्वच्छता पखवाड़े का समापन किया गया।
