
कहा- एफआईआर दर्ज होने के बाद ही हटेंगे
नई दिल्ली। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर उठे गंभीर विवाद के बीच, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, वे अपनी जगह से नहीं हटेंगे। उनके साथ पैलेट गन से घायल हुए छात्र साहिल लाछोब और उसका परिवार भी मौजूद है, जिसकी एक आंख की रोशनी जाने का खतरा है।

राहुल गांधी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पहले ही पत्र लिखकर जवाबदेही तय करने की मांग कर चुके हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम अहमद मीर ने भी 20 जुलाई की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि गृह मंत्री को देश को बताना चाहिए कि क्या उन्होंने पैलेट गन के इस्तेमाल की इजाजत दी थी या नहीं। कांग्रेस का मानना है कि इस पूरे मामले को उजागर करना और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग करना बेहद ज़रूरी है। इस बीच, इस संवेदनशील मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस बल के प्रयोग की जांच के लिए एक पांच सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में यह समिति जांच करेगी कि क्या पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान आवश्यकता से अधिक या अनुचित बल का प्रयोग किया। इसमें पैलेट गन, बिजली के डंडे, लाठी और आंसू गैस के इस्तेमाल की परिस्थितियों की गहन जांच की जाएगी। समिति यह भी सुनिश्चित करेगी कि पुलिस की कार्रवाई उस समय की परिस्थितियों के अनुरूप थी या नहीं और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच उचित संतुलन स्थापित किया गया था या नहीं। इसके अतिरिक्त, समिति इस बात पर भी विचार करेगी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट या अन्य धातु के प्रोजेक्टाइल के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए या नहीं।
