
दमोह : कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि शासकीय माध्यमिक विद्यालयों में पीएम पोषण शक्ति योजना का क्रियान्वयन जनपद पंचायतों के अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जाता है। गत जुलाई एवं अगस्त माह में योजना के तहत बच्चों को मध्यान्ह भोजन वितरण व्यवस्था की 280 शालाओं में विशेष मॉनीटरिंग कराई गई। उन्होने कहा मॉनीटरिंग के दौरान नियमानुसार एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराने वाले 22 स्व-सहायता समूहों को हटा दिया गया है। जिला पंचायत द्वारा इन समूहों के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि 28 शाला प्रभारियों की जिम्मेदारी थी कि यदि विद्यालय में शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुसार मध्यान्ह भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, तो तत्काल समूह अथवा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण सभी 28 शाला प्रभारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उनके जवाब प्राप्त होने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा जिले की प्रत्येक शाला में शासन के निर्देशानुसार बच्चों को स्वादिष्ट, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा। पीएम पोषण योजना का उद्देश्य बच्चों को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराने के साथ विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देना है, ताकि सुबह टिफिन की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण कोई बच्चा स्कूल आने से वंचित न रहे।
