
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (ईसी) पर देशद्रोह का काम करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) के खुलासे के बाद उपजे विवाद के बीच आया है, जहां विपक्षी नेता चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटने की मांग की हैं।
इसी कड़ी में राहुल गांधी ने वीडियो साझा कर चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारियों को सीधे संबोधित किया। उन्होंने कहा, आप जो कर रहे हो, गलत कर रहे हो। ये ट्रिजन है, देश के खिलाफ है। ये मत भूलिए टाइम आएगा। हम आपको पकड़ने वाले हैं, आप बचने वाले नहीं हो। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, वोट की चोरी भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। इस अपराध को अंजाम देने वाले बीजेपी, आरएसएस और चुनाव आयोग ने देशद्रोह का काम किया है। इंसाफ जरूर होगा।
राहुल के अलावा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम और पवन खेड़ा सहित कई अन्य नेताओं ने भी ज्ञानेश को तत्काल हटाने की मांग की है। यह पूरा हंगागा एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बीते 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के 14 फैसलों पर आपत्ति जाहिर की थी। हालांकि, कथित तौर पर उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया और फैसले आयोग के सामने बहुमत के आधार पर नहीं रखे गए।
बता दें कि एसआईआर प्रक्रिया जून 2023 में बिहार में शुरू हुई थी, जिसका मूल उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना था। इस प्रक्रिया के तहत 30 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के ड्राफ्ट से 13 करोड़ से अधिक नाम हटा दिए गए हैं। इस वजह से चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं कि वह कौन वोट दे सकता है और कौन नहीं, यह तय करने में उसकी क्या भूमिका है। हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने आरोपों का खंडन कर दावा किया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) सहित सभी फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति और मंजूरी से लिए गए थे।
