सीजेआई बोले- मक्खी मारने के लिए हथौड़ा न चलाएं

दिल्ली आने वाली कई ट्रेन भी कैंसिल, कई मेट्रो स्टेशन किए जा सकते हैं बंद
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के शनिवार को होने वाले प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वहीं दिल्ली आने वाली कई ट्रेन भी कैंसिल, की गई हैं। साथ ही कई मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं। उधर, ज्यादा सख्ती पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि आपको कुछ चीजों को रोकना ही होगा। उन्हें रोकने के लिए सिर्फ उतनी ही कार्रवाई करें जितनी जरूरी हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल करें। इस बात का हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी के साथ कोर्ट ने कहा कि दिल्ली मेट्रो और ट्रेन सर्विस पूरी तरह बंद नहीं कर सकते।
सीजेपी और कुछ छात्र संगठनों ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वोटर लिस्ट के एसआईआर के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में 25 सितंबर को प्रकाशित एक रिपोर्ट भी है, जिसमें दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार ऐसे फैसलों और आदेशों पर आपत्ति जताई थी, जो उनके मुताबिक उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए थे। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का रुख भी महत्वपूर्ण है।
25 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात
प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में 25 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें अर्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना और राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने का अनुरोध भी किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती। अदालत ने केंद्र और संबंधित अधिकारियों से सेवाओं को नियंत्रित तरीके से जारी रखने को कहा, ताकि आम यात्रियों को परेशानी न हो।
ट्रेनों को रद्द करने पर भी विवाद
प्रदर्शन से पहले दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को रद्द या उनके समय में बदलाव किए जाने से विवाद बढ़ गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने 9 और 10 अक्टूबर को दिल्ली आने-जाने वाली 13 रेल सेवाएं रद्द करने की जानकारी दी। वहीं, मध्य और पश्चिम रेलवे ने भी मुंबई से दिल्ली आने वाली कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द या पुनर्निर्धारित किया है। रेलवे ने इसके पीछे परिचालन संबंधी कारणों और नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन स्टेशन के आसपास भारी यातायात की आशंका का हवाला दिया है। ट्रेनों को रद्द करने के फैसले पर सीजेपी और विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं से डर रही है। वहीं, माकपा महासचिव एमए बेबी ने प्रदर्शन से पहले लगाई गई पाबंदियों और रेल सेवाओं पर असर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
