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हाई कोर्ट ने नियुक्त किया न्यायमित्र, याचिका पर 16 नवंबर को अगली सुनवाई


जबलपुर। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायाधीश प्रदीप मित्तल की संयुक्तपीठ ने जिला न्यायाधीश पद से अनिवार्य सेवानिवृत्ति दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत श्रीवास्तव को न्यायमित्र नियुक्त किया है। इसके साथ ही न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित कर दी। रतलाम निवासी आरके श्रीवास की ओर से दायर याचिका में अप्रैल 2018 में दी गई अनिवार्य सेवानिवृत्ति को नियम विरुद्ध बताते हुए चुनौती दी गई है। याचिका में उल्लेख किया गया है कि अनुसार याचिकाकर्ता ने वर्ष 2000 में न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था। उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में बी और सी ग्रेड दर्ज थे। वर्ष 2016 में उन्हें पदोन्नत कर उच्च न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश (प्रारंभिक स्तर) बनाया गया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि उच्च न्यायिक सेवा में लगभग डेढ़ वर्ष के कार्यकाल के दौरान उनका चार बार स्थानांतरण किया गया। इस अवधि में उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू की गई और उन्हें निलंबित भी किया गया। इसके बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की फुल बेंच की सिफारिश पर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई।
याचिका में मध्य प्रदेश उच्च न्यायिक सेवा (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियम, 2017 के नियम 14 के उपनियम (2) का हवाला देते हुए कहा गया है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए निर्धारित सेवा अवधि अथवा आयु संबंधी शर्तों का पालन करना आवश्यक था। याचिकाकर्ता के अनुसार, उनकी पूर्व की निचली न्यायपालिका की सेवा को उच्च न्यायिक सेवा की निर्धारित अवधि में शामिल नहीं किया जा सकता था। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति से लगभग एक माह पहले वर्ष 1994 के सेवा नियमों में संशोधन किया गया था, जो मार्च 2018 से प्रभावी हुआ। संशोधन के तहत अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए आवश्यक सेवा अवधि 20 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष कर दी गई, जबकि 50 वर्ष की आयु संबंधी शर्त बरकरार रखी गई। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि नियमों में यह बदलाव उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने के उद्देश्य से किया गया। उन्होंने अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में दर्ज ग्रेड का हवाला देते हुए सेवानिवृत्ति की कार्रवाई की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं। संयुक्तपीठ ने सुनवाई के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत श्रीवास्तव को न्यायमित्र नियुक्त कर अगली सुनवाई 16 नवंबर को निर्धारित की है।

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