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2012 से वुसिच और उनकी सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी का रहा था दबदबा

बेलग्रेड। सर्बिया के संसदीय चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है, जहाँ छात्र समर्थित एक आंदोलन ने राष्ट्रपति पद छोड़कर संसदीय चुनाव लड़ रहे अलेक्जेंडर वुसिच को करारी शिकस्त दी है। शुरुआती चुनावी अनुमानों के मुताबिक, स्टूडेंट लिस्ट स्टूडेंट्स विन नामक गठबंधन को संसद में स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना है, जबकि वुसिच ने स्वयं अपनी हार स्वीकार कर ली है। यह नतीजा सर्बिया की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, जहां 2012 से वुसिच और उनकी सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) का दबदबा रहा था।
वुसिच ने बेलग्रेड में अपनी पार्टी मुख्यालय में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि शुरुआती नतीजों के आधार पर यह स्पष्ट है कि उनकी पार्टी चुनाव हार गई है और स्टूडेंट लिस्ट ने जीत हासिल की है। स्टूडेंट लिस्ट के मुख्यालय में जीत का जश्न शुरू होते ही, प्रमुख उम्मीदवार और बेलग्रेड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रादोमिर साइचिक ने इसे सर्बियाई नागरिकों के लिए एक ऐतिहासिक जीत करार दिया। उन्होंने कहा, आज रात लोगों की आवाज सुनी गई है। यह डर पर साहस की जीत है, उदासीनता पर उम्मीद की जीत है, और इस विश्वास की जीत है कि सर्बिया के विचार अलग हो सकते हैं और उसे अलग होना ही चाहिए। साइचिक ने अपने समर्थकों से शांति और गरिमा के साथ जश्न मनाने की अपील की।
अपनी हार स्वीकार करते हुए अलेक्जेंडर वुसिच ने कहा कि उन्होंने अनुमानित परिणामों की घोषणा आधिकारिक नतीजों से पहले इसलिए की ताकि उनके समर्थकों में किसी तरह की अनिश्चितता न रहे और उन दावों को भी गलत साबित किया जा सके जिनमें कहा जा रहा था कि वे अपनी चुनावी हार मानने से इनकार कर देंगे। उन्होंने इस नतीजे को एक क्रांति की पुष्टि करार दिया और अपनी संभावित हार के लिए विरोध प्रदर्शनों को मिल रहे विदेशी समर्थन को जिम्मेदार ठहराया। वुसिच ने अपने समर्थकों का धन्यवाद किया और वादा किया कि उनका राजनीतिक आंदोलन एकजुट रहेगा और विपक्ष में रहकर अपना काम जारी रखेगा।
यह चुनाव वुसिच की सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी (एसएनएस) और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक व्यापक छात्र आंदोलन से निकले समूह के बीच सीधा मुकाबला था। इस आंदोलन की जड़ें पिछले साल नोवी साद रेलवे स्टेशन पर कंक्रीट की छतरी गिरने से हुई दर्दनाक दुर्घटना और उसके बाद निर्माण कार्य में लापरवाही, भ्रष्टाचार व जवाबदेही की कमी के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में हैं। समय के साथ यह आंदोलन छात्रों के अलावा समाज के अन्य वर्गों तक फैल गया, जिसने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने, अर्थव्यवस्था में सुधार और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से संसद की सभी 250 सीटों के लिए उम्मीदवार उतारे। संसदीय चुनाव में हिस्सा लेने के लिए वुसिच ने 27 सितंबर को राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, और अब दिसंबर के अंत तक नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव होना जरुरी है।

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