हबीबगंज थाना, एमपी नगर थाना और लोकायुक्त में अलग-अलग मामले दर्ज कार्यवाही

भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएएस रमेश एस. थेटे को धोखाधड़ी और चेक बाउंस केस में भोपाल की एमपी नगर पुलिस ने उन्हें नागपुर से गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक नागपुर की बेलतरोड़ी पुलिस की मदद से बुधवार को मनीष नगर इलाके में यह कार्यवाही की गई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें भोपाल ला रही है। पूछताछ के बाद थेटे को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जानकारी के अनुसार रमेश थेटे के खिलाफ हबीबगंज थाना, एमपी नगर थाना और लोकायुक्त में अलग-अलग मामले दर्ज हैं। फरवरी 2023 में लोकायुक्त में दर्ज एक मामले में उनकी पत्नी मंदा थेटे को भी आरोपी बनाया गया था। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति, बैंक संबंधी धोखाधड़ी और चेक बाउंस से जुड़े मामले भी दर्ज हैं। भोपाल की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कल्पना कोतवाल की कोर्ट ने 23 मार्च 2026 को रमेश थेटे को फरार घोषित किया था। इसके साथ ही स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। थेटे लगातार सुनवाई के दौरान पेश नहीं हो रहे थे। उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पहले भी अवसर दिए गए थे, लेकिन वे कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनके खिलाफ पहले भी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे, लेकिन इनकी तामील नहीं हो सकी थी। 23 मार्च 2026 की ऑर्डर शीट के मुताबिक, कोर्ट ने माना कि आरोपी को पेश होने के लिए पहले भी अवसर दिए गए थे, लेकिन वह पेश नहीं हुए। परिस्थितियों से ऐसा लग रहा है कि आरोपी जानबूझकर वारंट की तामील से बच रहे हैं।
कोर्ट में परिवादी ने अपील की थी, कि आरोपी अभी भी फरार है, और कोर्ट के कहने के बाद भी पेश नहीं हो रहा है। परिवादी ने स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करने की अपील की थी। इसके बाद कोर्ट ने आवेदन स्वीकार कर रमेश थेटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया। रमेश एस. थेटे मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी हैं। वे 1993 में आईएएस बने, उनकी पहली पोस्टिंग छिंदवाड़ा में हुई। वे बड़वानी में एसडीएम, खरगोन में अपर कलेक्टर और जबलपुर नगर निगम में कमिश्नर समेत कई पदों पर रहे। वे 31 जुलाई 2020 को रिटायर हुए।
