
भोपाल। प्रदेश के नगरीय निकायों में खरीदी और अन्य वित्तीय अनियमितताओं के मामले में लोकायुक्त संगठन अब तक की सबसे बड़ी जांच करने जा रहा है। अधिकारी-कर्मचारियों की संख्या के लिहाज से यह संगठन की सबसे व्यापक जांच होगी। विभागीय स्तर पर अब तक 392 अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा – चुकी है। अगले सप्ताह नगरीय विकास एवं आवास विभाग से इन सभी मामलों की विस्तृत जानकारी और दस्तावेज लोकायुक्त संगठन को मिल सकते हैं। दरअसल, निकायों में खरीदी की गड़बडिय़ां सामने आने के बाद लोकायुक्त संगठन ने मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। उसने आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास विभाग को पत्र भेजकर पिछले तीन साल में एमपी ई-नगर पालिका और जेम पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी का ब्योरा मांगा था। इसमें खरीदी से संबंधित दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, एआइ से किए गए विश्लेषण और संबंधित अधिकारी कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई थी। विभागीय कार्रवाई के पूरे रिकार्ड मिलने पर जांच के बाद मामले में प्रकरण पंजीबद्ध करने की तैयारी है। लोकायुक्त संगठन संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगा और दस्तावेजों की जांच करेगा। प्रकरणों की संख्या और अलग-अलग निकायों में हुई गड़बडिय़ों को देखते हुए जांच में एक वर्ष से अधिक समय लग सकता है।
