
शिक्षक दिवस पर राज्यमंत्री श्री लोधी ने सेवा निवृत्त शिक्षिको-कर्मचारियों का किया सम्मान
दमोह : शिक्षक की भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है, क्योंकि वास्तव में विद्यार्थी कच्ची मिट्टी के लोंदे की तरह होते है, उनको संस्कार देने का काम, उनको शिक्षित करने का काम, पल्लवित करने का काम, देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाने का काम अगर कोई करता है तो वह शिक्षक करता है। शिक्षक की समाज में अह्म भूमिका होती है, शिक्षक विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का काम करते है, विद्यार्थी आगे चलके समाज के जिम्मेदार नागरिक बनते है, तो समस्त शिक्षकों का, वरिष्ठ शिक्षकों का सम्मान करने का और कर्मचारियों का सम्मान करने का अवसर आज 05 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर प्राप्त हुआ है। इस आशय के विचार प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने आज जबेरा में जनपद पंचायत के सभाकक्ष में शिक्षक दिवस पर आयोजित सेवा निवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सम्मान समारोह में व्यक्त किये। राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा शिक्षक दिवस के अवसर पर समस्त गुरुजनों का सम्मान करके, बहुत अच्छा महसूस हुआ। उन्होंने सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुये कहा सभी सुखी हो, निरोगी हो, सबका मंगल हो, सबका कल्याण हो ऐसी परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हूँ।

उन्होंने कहा शिक्षक दिवस के अवसर पर रिटायर्ड कर्मचारीगण कार्यक्रम में पधारे है, सभी का स्वागत करता हूँ, बंदन करता हूँ, अभिनंदन करता हूँ। राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा बुंदेलखण्डी में शिक्षकों को एक विशेष शब्द दिया गया है “मासाब”। जो कर्मचारी रिटायर्ड हो जाते हैं उनको सभी रिटायर्ड कर्मचारी कहते है, लेकिन मासाब एक ऐसा शब्द है, जब व्यक्ति पढ़ाता है तब वह मासाब कहलाता है और रिटायर्ड हो जाने के बाद भी वह मासाब कहलाता है। मैंने कभी ऐसा शब्द नहीं सुना कि ये पूर्व मासाब है। इसका मतलब यह है कि शिक्षक कभी रिटायर्ड नहीं होता है।कार्यक्रम का शुभारंभ मॉ सरस्वती एवं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र समक्ष दीप प्रज्जवलन और माल्यापर्ण कर किया गया। छात्राओं ने सरस्वती बंदना प्रस्तुत की, वहीं छात्रों द्वारा गुरू वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों, अधिकारियों-शिक्षकों का पुष्पमाला पहनाकर, शाल, श्रीफल आदि से सम्मान किया। कार्यक्रम का मंच संचालन रानू नामदेव द्वारा किया गया।

