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तीन अलग-अलग बैच में प्राइवेट विद्यालयों के प्राचार्यो/संचालको की हुई पूरी ट्रेनिंग

दमोह : कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले के नागरिकों से कहा 15 अक्टूबर 2024 को निजी विद्यालयों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए थे। अभी तक यह होता था कि निजी विद्यालयों के संबंध में चाहे वह स्टेशनरी, कॉपी किताबें, यूनिफॉर्म, लेखा, बस, परिवहन की व्यवस्था हो, सभी के अलग-अलग निर्देश हुआ करते थे, जिससे कि लोगों को तकलीफ होती थी कि वह कहाँ से कौन से निर्देश देखें, तो यह तय किया कि सारे निर्देश एक जगह समेकित करके, इंटिग्रेट करके जारी किए हैं, जो शासन के अधिनियम, नियम और भारत सरकार और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है।

            कलेक्टर श्री कोचर ने कहा अब स्कूलों को फायदा यह है की उनको कहीं अलग-अलग जगह देखने की जरूरत नहीं है, सारे निर्देश उनको एक ही जगह मिल जाएंगे। अब इन निर्देशों को देने के साथ-साथ तय किया की इन निर्देशों पर जब तक सबका ओरिएंटेशन, यानी ट्रेनिंग नहीं हुई तब तक लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाएंगे। उन्होंने बताया आज तीन अलग अलग बैच में प्राइवेट विद्यालयों के प्राचार्यो को बुलाया और यह जो पूरे सर्कुलर जारी किए, उसकी पूरी एक ट्रेनिंग, उसका पूरा एक ओरिएंटेशन उनको स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दिया गया है, ताकि वह इन निर्देशों से अवेयर हो सके, वह समझ सके कि इन निर्देशों में क्या है और इनका पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ़ क्या कार्रवाई हो सकती है।

            उन्होंने बताया इसमें कुछ महत्वपूर्ण चीजें हैं जिन पर उनके साथ चर्चा में प्रकाश डाला है, उसमें से पहला है कि ऐसे स्कूल जहाँ पर एक हजार से अधिक विद्यार्थियों का एडमिशन है, उन स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से पूरी एडमिशन प्रक्रिया के.जी. वन से लेकर 12वीं तक की एडमिशन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी। इस प्रक्रिया में प्रवेश फॉर्म भरने से लेकर और फीस जमा करने तक की सारी व्यवस्थाएं ऑनलाइन होगी। किसी अभिभावक को स्कूल में जाने की जरूरत नहीं होगी, स्कूल में फॉर्म के लिए चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी । सब कुछ ऑनलाइन होगा, सेलेक्शन से लेकर और फॉर्म भरने से लेकर के फीस भरने तक, तो फॉर्म भरने से लेकर के फीस भरने तक की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन करने का एक बड़ा कदम यहाँ पर उठाने जा रहे हैं। सभी स्कूलों के प्रतिनिधि आज प्रशिक्षण में थे। उन्होंने भी सहमति व्यक्त की है, यह एक अच्छा कदम होगा।

            कलेक्टर श्री कोचर ने कहा शूज के बारे में एक निर्णय इसमें लिया है कि दो तरह के शूज होंगे एक काले रंग के और एक सफेद रंग के, इसके अलावा अलग-अलग रंगों के शूज उपयोग नहीं किये जाएंगे। तीसरा पुस्तक मेले के संबंध में हमने पूरी एक स्ट्रेटेजी बनाई है कि कैसे पुस्तक मेले अगले साल जनवरी-फरवरी से लगेंगे और कैसे लोगों को स्टेशनरी और यह सब चीजें डिस्ट्रीब्यूट होंगी। अगली बैठक स्टेशनरी और किताब बेचने वाले, यूनिफॉर्म बेचने वाले व्यापारी बंधुओं और परिवहन कर्ताओं के साथ होगी। इस प्रकार से सभी के साथ बैठक करके सबको इसमें जागरूक करेंगे और बताया जाएगा उनको कि किस-किस तरह की कार्रवाई हो सकती है। यह एक कदम है इस दिशा में हमारे अगले आने वाले सत्र में विद्यार्थियों को, अभिभावकों को स्कूलों की फीस को लेकर के कॉपी-किताबों को लेकर के किसी प्रकार की दिक्कत नहीं  होगी।

            इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. नेमा ने कहा आपको किसी भी प्रकार की पुस्तके विक्रय नहीं करना है, फीस के संबंध में जो हेड बतलाए गये है उन्ही के आधार पर फीस लेना है, फीस का उपयोग नियमबद्ध तरीके से ऑडिट करवाना है। फीस अधिनियम के अंतर्गत मुख्य रूप से प्रत्येक स्कूल को अपनी विगत तीन वर्षो की ऑडिट रिर्पोट सब्मिट करनी होती है, परन्तु अभी भी बहुत से विद्यालयों ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट सब्मिट नहीं की है। इस प्रशिक्षण में सभी संबंधित संस्थाओं के संचालकगण मौजूद रहे।

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