Spread the love

गन मेटल नहीं नपा ने फाइबर पॉलिमर की खरीदी थी मूर्तियां
बालाघाट । दिवाली पर्व पर कुछ युवकों द्वारा शहर के अम्बेडकर चौक से जयस्तंभ चौक के बीच शहर की सुंदरता के लिये लगाई गई योगासन मूर्तियों में पटाखें फोड़कर इसे क्षतिग्रस्त किया था। वीडियो के आधार पर सीएमओ नगरपालिका द्वारा कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।जिसकी सभी नगर वासियों ने निंदा की वहीं इन पर कड़ी कार्रवाई करने के लिये बड़ी संख्या में फोन काल कर लोगों ने सख़्त कार्यवाही करवाने कहा जिस क्रत्य की हम सभी को निंदा करना चाहिए किंतु इन मूर्तियों के क्षतिग्रस्त होने पर बेवजह नगर पालिका परिषद बालाघाट के कार्यो को लेकर अनर्गल टिप्पणी करते हुए भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। नपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने बयान जारी करते हुए ऐसे दुष्प्रचार से सावधान रहने तथा इन मूर्तियों की खरीदी को लेकर गन मेटल नहीं बल्कि नपा द्वारा फाइबर रेशित पॉलिमर की मूर्तियां नपा द्वारा क्रय किये जाने की बात कही है।
नपाध्यक्ष श्रीमती ठाकुर ने कहा कि शहर में सुंदरता बनी रहे इस हेतु नगर पालिका परिषद बालाघाट द्वारा विभिन्न उपक्रमों से कार्ययोजना बनाकर इसे मूर्त रूप दिया जा रहा है। वर्ष 2019 में तात्कालीन कलेक्टर दीपक आर्य की मंशानुरूप नगर पालिका ने शहर के अम्बेडकर चौक से जयस्तंभ चौक के बीच योगासन की विभिन्न मुद्रा की 12 मूर्तियां लगाने का काम किया था यह मूर्तियां शहर को आकर्षक बनाने के साथ ही सुंदरता बिखेरती है वहीं हमें स्वस्थ्य रहने योग संस्क्रति से जुड़ने का संदेश देती हैं किंतु दिवाली पर्व पर कुछ युवकों द्वारा आतिशबाजी करते हुए मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया, जिसमें विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा यह भ्रामक प्रचार किया जाने लगा कि मूर्तियां खरीदी में नगरपालिका ने भ्रष्टाचार किया है जो सरासर गलत एवं निंदनीय आरोप-प्रत्यारोप है। नपाध्यक्ष ने मूर्तियों की खरीदी सहित अन्य जरूरी बातों को स्पष्ट करते हुए कहा कि नपा ने यहां पर प्लेटफार्म तैयार किया था जिसमें आकर्षक लाईटिंग भी लगाई गई थी, किंतु अधिकांश लाईट को असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया जिससे वह बंद हो गई। मूर्तियां 8 नवंबर 2019 को लगाई गई थी जिसका कुल क्रय मूल्य 9 लाख 24 हजार रूपये आया था यह मूर्तियां नगरपालिका द्वारा फाइबर रेशित पॉलिमर की खरीदी गई थी ना कि गन मेटल धातू की। नपाध्यक्ष ने कहा कि अगर मूर्तियां गन मेटल की भी होती तो भी मूर्तियों में आतिशबाजी कर क्षतिग्रस्त करने के कृत्य का समर्थन नहीं किया जा सकता है जो नगरपालिका ही नहीं बल्कि कोई भी सभ्य नागरिक बर्दाश्त नहीं कर सकता है। ऐसा कृत्य समर्थन करने के योग्य नहीं है किंतु राजनीतिक लाभ की वजह से विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा इसका समर्थन किया जा रहा है जो निंदनीय है। नपाध्यक्ष ने कहा कि नगरपालिका बालाघाट द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को लेकर सजगता बरती जाती है और भ्रष्टाचार किये जाने का सवाल ही उत्पन्न नहीं होता है। इसलिए गलत बयानबाजी करते हुए मूर्तियां खरीदी को लेकर झूठा प्रचार करने पर विपक्ष को शहर की जनता से क्षमायाचना करनी चाहिये। साथ ही उन्होंने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि सरकारी सम्पत्ति हमारी सभी की धरोहर होती है इसिलिये किसी भी सरकारी सम्पत्ति को नुक़सान ना पहुँचायें साथ ही इस तरह की गतिविधियों में कोई भी शामिल हो इसकी जानकारी आप नगर पालिका या पुलिस प्रशासन को दें सख्ती से कार्यवाही की जाएगी किसी को भी बख़्शा नहीं जायेगा ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *