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जबलपुर। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने दायर अपील की सुनवाई करते हुए परिजनों की उपस्थिति में दफनाई गयी मृतक की लाश निकालने तथा उसका पुनः पोस्टमॉर्टम करवाने के निर्देष जारी किये है। मृतक छत्तीसगढ़ निवासी था और उसकी लाश बालाघाट जिले के बिरसा थानान्तर्गत संदिग्ध अवस्था में मिली थी। युगलपीठ ने उक्त आदेष के साथ याचिका का निराकरण कर दिया।
नाबालिग बेटी लालेष्वरी साहू निवासी लोहाडीडीह जिला करीबधाम छत्तीसगढ़ की तरफ से दायर की गयी अपील में कहा गया था कि उसके पिता एन प्रसाद साहू की हत्या कर बालाघाट जिले के बिरसा थानान्तर्गत पेड से लटका दिया गया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को आत्महत्या मानकर लाश को छत्तीसगढ़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने 9 वर्षीय नाबालिग भतीजे के सामने उनके पिता को दफना दिया था।
अपील में कहा गया था कि मामले की निष्पक्ष जांच तथा पिता की लाश का पुनः पोस्टमार्टम करवाये जाने की मांग करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। न्यायाधीश क्षेत्र मध्य प्रदेश होने के कारण छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर करने निर्देष दिये थे। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकलपीठ ने उसकी याचिका इस आधार पर खारिज कर दी थी कि वह मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। जिसके कारण उक्त अपील दायर की गयी थी। अपील की सुनवाई करते हुए युगलपीठ ने बालाघाट पुलिस को प्रकरण के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेष करने निर्देष दिये थे।
बालाघाट पुलिस की तरफ से पेष की गयी रिपोर्ट में बताया गया था कि प्रकरण की जांच के बाद पुलिस ने दिनेश कुमार साहू,रोमन साहू,राखी लाल हिरवाने तथा टेकचंद्र पटैल के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेष जारी किये। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता शशांक ष्षेखर तथा अधिवक्ता हर्षित बारी ने पैरवी की।

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