

दमोह : पर्यटन विभाग की ओर से होम स्टे की कार्ययोजना पूरे प्रदेश में चलाई जा रही है, जिसमें जिले के स्मार्ट गांव पड़रिया थोबन का चयन किया गया है, यहाँ 10 होम स्टे आने वाले समय में बनकर तैयार होंगे, होम स्टे के माध्यम से लोगों को गांव के परिवेश की भी जानकारी होगी, जो देश विदेश से पर्यटक यहाँ आएँगे, उनको गांव की संस्कृति के बारे में भी जानकारी होगी, यहाँ के लोग कैसा भोजन करते है, कैसे खेती करते है। सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश में एक हजार होम स्टे बनाना है, जिसमें 150 से ज्यादा होम स्टे बन गए हैं, संचालित हो रहे हैं। जबेरा विधानसभा प्राकृतिक और पुरातात्विक दृष्टि से समृद्ध है, अभी पांच लोगों के होम का लेआउट दिया गया है और 10 के होम स्वीकृत हो गए हैं। यह बात प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने जिले की जबेरा तहसील के ग्राम पड़रिया थोबन में होम स्टे निर्माण के भूमि पूजन उपरांत गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर सत्येन्द्र सिंह लोधी, रूपेश सेन खासतौर पर मौजूद थे।
राज्यमंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह ने कहा जो लोग गांव का अनुभव लेना चाहते है, ये होम स्टे उन पर्यटकों के लिए बनाये जा रहे है, इसमें गांव के लोगों को रोजगार भी मिलेगा, तो निश्चित रूप से जबेरा विधानसभा का स्मार्ट गांव पड़रिया थोवन की चर्चा भी पूरे प्रदेश मे देश में है, यहाँ होम स्टे बनाने से निश्चित रूप से पर्यटक आकर्षित होंगे और लोगों को रोजगार भी मिलेगा। साथ साथ में हमारी भारतीय संस्कृति गांव की संस्कृति भी लोगों के बीच में पहुंचेगी। राज्यमंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा इस गांव में होम स्टे की परिकल्पना यह है कि देश-विदेश और शहरों में रहने वाले लोग कहीं ना कहीं गांव की संस्कृति को जानना चाहते हैं, होम स्टे की परिकल्पना इसी बात को लेकर की गई की टूरिस्ट को गांव में घुमाएंगे, गांव में रुकवाएंगे, चूल्हे की बनी रोटी खिलाएंगे, गांव की भजन मंडली में साथ में बैठकर भजन होंगे और बैलगाड़ी की सैर करवाएंगे, यहां की संस्कृति और यहां के कल्चर के बारे में वे जानेंगे, इसके लिए होम स्टे की परिकल्पना की गई है।
राज्यमंत्री श्री लोधी ने कहा हर घर में नल के द्वारा पानी पहुंच रहा है माताओं-बहनों को पानी भरने बाहर न जाना पड़े इसलिये जल निगम के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाने का काम किया जा रहा है। हर बहन के खाते में पैसा आ रहा है, हर गरीब को पक्का मकान बनाने की गारंटी दी है, हर किसान को किसान सम्मान निधि के साल में 12 हजार रूपये देने का काम किया जा रहा हैं, खाद्यान्न के माध्यम से हर परिवार को अनाज देने का काम किया जा रहा है, आयुष्मान कार्ड बनवाकर एक साल में 5 लाख रूपये तक का इलाज व्यक्ति करवा सकता है, अभी प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने घोषणा की है कि 70 साल से ऊपर के जितने लोग हैं सभी का आयुष्मान कार्ड बना कर दिये जायेंगे। स्मार्ट गांव डेवलपमेंट फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह लोधी ने कहा होम स्टे के कांसेप्ट को काफी करीब से देखा है, होम स्टे के माध्यम से स्वावलंबी गांव की कल्पना सार्थक होगी। करीब 100 से ऊपर गांव जहां पर होम स्टे योजना सुचारू रूप से चल रही है, वहां पर देखा मुख्य बात यह है कि यह कोई होटल वाला कांसेप्ट नहीं है, यह कॉन्सेप्ट अतिथि देवो भव: और सेवा भाव वाला कांसेप्ट है जहां पर देश-विदेश के लोग जो गांव से परिचित नहीं है वह गांव में आकर रहेंगे, हम उनके परिवार के एक सदस्य की तरह सेवा करेंगे।
अनुज वाजपेयी ने कहा हमारा सौभाग्य देखिए की हमारे क्षेत्र के विधायक और मंत्री जी को मुख्यमंत्री जी ने पर्यटन विभाग सौपा, जिसकी वजह से आज हमें यह 10 होम स्टे मिले हैं। होम स्टे योजना से आने वाले समय में जब होम स्टे बनकर तैयार होंगे, तब देश-विदेश से लोग हमारे गांव में आएंगे, गांव के लोगों के साथ रहेंगे, खाना-पीना खाएंगे, गांव की संस्कृति को देखेंगे, यहां रहकर केवल इस गांव में इसका प्रभाव नहीं होगा, इसका प्रभाव पूरे क्षेत्र समेत पूरे जिले में पड़ेगा की पड़रिया थोबन एक ऐसा गांव है जहां देश-विदेश से लोग आए हुए हैं।
सचिव मानव जीवन विकास समिति के निर्भय सिंह ने कहा पिछले तीन-चार साल से होम स्टेट के कॉन्सेप्ट पर लगे हुए हैं, अभी करीब सात जिले के गांव में इस तरह के कांसेप्ट को ले जा रहे हैं, कुछ गांव में होम स्टे तैयार हो गए हैं। उन्होंने बताया उमरिया जिले के मरई कला गांव में फ्रांस के लगभग 08 टूरिस्ट आए हैं। यहां भी होम स्टे के माध्यम से टूरिस्ट गांव में आएंगे, रहेंगे, आपके ही घर का बना हुआ खाना खाएंगे जिससे आपकी अतिरिक्त आमदनी भी होगी। इसके पूर्व संस्कृति राज्यमंत्री श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने पड़रिया थोबन ग्राम का भ्रमण किया, ग्राम की साफ-सफाई, दीवारों की चित्रकारी से लेकर अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम में राज्यमंत्री श्री लोधी का शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन राजीव अयाची ने तथा आभार अजय वाजपेयी ने व्यक्त किया।
